पद्मावती विवाद: भंसाली के सपोर्ट में MNS कहा…

संजय लीला भंसाली की आगामी फिल्म ‘पद्मावती’ के खिलाफ जहां राजपूत करणी सेना और कुछ अन्य हिन्दू संगठन देशभर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की ओर से राहत की खबर है.

मनसे ने कहा कि वह फिल्म ‘पद्मावती’ को देखन के बाद ही फैसला लेंगे कि भंसाली की फिल्म का विरोध करना है या नहीं? समाचार एजेंसी एएनआई से बुधवार (15 नवंबर) को मनसे प्रवक्ता अमय खोपकर ने कहा, ‘हम सिर्फ किसी के कहने भर से फिल्म ‘पद्मावती’ का विरोध करने नहीं जा रहे हैं. हम पहले फिल्म देखेंगे और अगर कुछ आपत्तिजनक लगता है तो निर्देशक संजय लीला भंसाली से इस बारे में चर्चा करेंगे.’

उत्तर प्रदेश में ‘पद्मावती’ फिल्म की रिलीज को लेकर पुलिस सतर्क हो गई है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा. इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं. प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) आनंद कुमार का कहना है कि फिल्म रिलीज को लेकर पुलिस की तैयारी पुख्ता है.

फिल्म ‘पद्मावती’ की रिलीज को लेकर बुधवार (15 नवंबर) को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय में एक बैठक हुई. इसमें सुरक्षा को लेकर तमाम रणनीति पर विचार किया गया. इस फिल्म की रिलीज के खिलाफ प्रदेश के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.

भाजपा सांसद सतीश गौतम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर फिल्म पर रोक लगाने की मांग की है. वहीं दूसरी ओर फिल्म ‘पद्मावती’ की रिलीज को लेकर हो रहे विरोध और मिल रही धमकियों के मद्देनजर महाराष्ट्र सरकार ने एहतियात के तौर पर फिल्म के निर्देशक संजय लीला भंसाली को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराई है.

उन्हें किस स्तर की सुरक्षा प्रदान किया गया है, यह अभी स्पष्ट नहीं है. भंसाली ने अभी तक इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है. भंसाली को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए ‘इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन’ ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभार जताया है.

फिल्म उद्योग की तरफ से फिल्मकार अशोक पंडित ने कहा, “हमारे प्रतिष्ठित सदस्य को पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने पर आभार व्यक्त करने के लिए हमारे पास शब्द नहीं हैं.” अशोक ने राज्य सरकार से फिल्म की रिलीज में मदद करने का भी आग्रह किया. भंसाली पर राजपूत करणी सेना और कुछ अन्य हिंदू सगंठन फिल्म ‘पद्मावती’ में इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाते हुए इसकी रिलीज का विरोध कर रहे हैं.