बाल दिवस 2017: जानिए 14 नवंबर को क्यों मनाया जाता है बाल दिवस?

आज भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की 128वीं जयंती हैं. 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद में जन्मे नेहरू बच्चों के बीच खासे लोकप्रिय थे. इसलिए उनकी जन्म तिथि को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. उन्हें आधुनिक भारत का ‘निर्माता’ भी कहा जाता है. भारत में 1964 से पहले 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था. 1953 में यूनाइटेड नेशन ने 20 नवंबर को बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी.

लेकिन 1964 में नेहरू की मौत के बाद बच्चों के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण पूरे देश ने एक साथ 14 नवंबर को बाल दिवस मनाने का फैसला किया. बाल दिवस की शुरुआत 1925 से हुई थी. 1950 से कई देशों में बाल संरक्षण दिवस (1 जून) पर ही बाल दिवस मनाया जाने लगा. यह दिन बच्चों के बेहतर भविष्य और उनकी मूल जरूरतों को पूरा करने की याद दिलाता है. अन्य देशों में अलग-अलग दिन इसे मनाया जाता है.

कुछ देशों में आज भी 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है. नेहरू ने एक बार कहा था, ‘आज के बच्चे कल के भारत का निर्माण करेंगे. हम जिस तरह से बच्चों की परवरिश करते हैं उससे भारत का भविष्य तय होता है.’ चाचा नेहरू ने बच्चों को अनेक शिक्षाएं दीं जिन्हें आज बच्चों को स्कूलों की किताबों में पढ़ाया जाता है. उन्होंने बच्चों के लिए अनेक शिक्षण और ज्ञानवर्धक सामग्री भी लिखी जिसमें बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा देने पर जोर दिया गया था.