होटलों में नहीं होता है कमरा नंबर-420, जानें क्‍यों

देश-विदेश में कई होटल ऐसे हैं जहां हजारों कमरे हैं. ये कमरे एक नंबर से लेकर अंतिम कमरे की संख्‍या तक बंटे होते हैं लेकिन आपको यह जानकर आश्‍चर्य होगा कि ज्‍यादातर होटलों में 420 नंबर का कमरा नहीं होता है.

इन होटलों में 419 और 421 की संख्‍या के कमरे तो मिल जाएंगे लेकिन 420 नंबर कमरा कहीं नहीं दिखाई देगा . होटलों में कमरा संख्‍या 420 न होने की कई वजहें हैं.

धारा-420

भारतीय दंड संहिता के अनुसार, बेईमानी या धोखाधड़ी के मामले में धारा-420 लगाई जाती है. इस धारा के अंतर्गत दोषी पाए जाने वाले व्‍यक्ति को सात साल तक सजा हो सकती है. इसके अलावा बोलचाल की भाषा में भी 420 संख्‍या को सही नहीं समझा जाता है. यही वजह है कि ज्‍यादातर होटलों में कमरा नंबर 420 नहीं होते हैं.

अंधविश्‍वास

आजादी मिलने के कई दशकों बाद भी देश में अंधविश्‍वास मौजूद है. बड़ी संख्‍या में लोगों का मानना है कि किसी भी रूप में 420 नंबर इस्‍तेमाल करना उनके लिए अशुभ है. इनका मानना है कि जब भी इन्‍हें किसी भी तरह से 420 अंक का सामना करना पड़ा, इनके साथ बहुत ही खराब हुआ है.

विदेशी होटलों में भी नहीं होते 420 नंबर का कमरा

विदेशों में भी कई ऐसे होटल हैं जहां 420 नंबर का कमरा नहीं होता है. हालांकि, यहां अंधविश्‍वास या किसी कानून का मामला नहीं है, बल्कि यह 20, अप्रैल तारीख से जुड़ा हुआ है. इस तारीख को कई देशों के लोग अफीम का सेवन करके देश विरोधी नारेबाजी करते हैं. ये लोग शाम 4.20 मिनट पर सरकार के उस फैसले का विरोध करते हैं जिसमें उसने अफीम, भांग आदि को बैन कर रखा है.

कई वर्षों पहले तक होटलों में 420 नंबर के कमरे हुआ करते थे लेकिन कई कपल इसे बुक करा के अश्‍लील हरकतें करते थे. जोड़ों की इसी हरकत से तंग आकर होटल मालिकों ने कमरा संख्‍या-420 पर रोक लगा दी और फिर धीरे-धीरे इस नंबर के कमरों को बंद कर दिया गया.

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, उत्‍तराखंड सचिवालय में भी कमरा नंबर-420 नहीं बनाया गया है. अफसरों का मानना है कि यह नंबर उनके लिए शुभ नहीं है. कई अफसरों ने बताया है कि चूंकि 420 नंबर धोखेबाजी और घपले से संबंधित है, इसलिए सचिवालय में कमरा नंबर 419 और 421 तो है लेकिन 420 नहीं है.