राजस्थान : हाईकोर्ट के आदेश के बाद थर्ड जेंडर बनी पुलिस कांस्टेबल

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश से राजस्थान पुलिस विभाग में कांस्टेबल के पद पर पहली बार किन्नर को नियुक्ति दी गई है. ये मामला प्रदेश में पहला व देश में तीसरा है, जब किसी किन्नर को सरकारी नियुक्ति मिली है.

गैरतलब है कि हाईकोर्ट के जस्टिस दिनेश मेहता की अदालत ने जालौर निवासी किन्नर गंगाकुमारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 सप्ताह में नियुक्ति देने एवं साल 2015 से ही नोशनल बेनिफिट देने के आदेश दिये हैं. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता रितुराज सिंह ने पैरवी करते हुए कहा कि गंगाकुमारी को पुलिस कांस्टेबल के पद के पात्र होने के बावजूद जालौर पुलिस अधीक्षक द्वारा नियुक्ति नहीं दी गई थी.

रानीवाड़ा थाना इलाके जालौर में रहने वाली गंगाकुमारी पुत्री बीकाराम का चयन 2013 में 12 हजार पदों के लिए कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में हुआ था. परीक्षा में प्रदेश के सभी जिलों में सवा लाख अभ्यार्थियों ने हिस्सा लिया था. इसमें से पुलिस ने 11400 अभ्यार्थियों का कांस्टेबल पद के लिए चयन कर लिया था.

विभाग में घूमती रही नियुक्ति फाइल
मेडिकल में गंगा के किन्नर होने की पुष्टि हुई. ऐसे में नियुक्ति को लेकर पुलिस अधिकारी असमंजस में पड़ गए. गंगा के किन्नर होने की पुष्टि होने के बाद जालौर एसपी ने फाइल रेंज आईजी जोधपुर जीएल शर्मा को भेजकर नियुक्ति को लेकर राय मांगी थी. ऐसा मामला पहली बार आने पर आईजी ने 3 जुलाई 2015 को फाइल पुलिस मुख्यालय भेज दी थी, लेकिन यहां पर भी पुलिस के अधिकारी कुछ निर्णय नहीं कर पाए. ऐसे में पुलिस मुख्यालय ने राय जानने के लिए फाइल गृह विभाग को भेज दी थी.