रेयान स्कूल मर्डर केस में हुआ एक नया खुलासा, प्रद्युम्न को जानता था आरोपी छात्र

गुरुग्राम, गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए कक्षा दो के छात्र प्रद्युम्न ठाकुर की हत्या में अब एक नया खुलासा हुआ है. सीबीआई की शुरुआती जांच की मानें तो एग्जाम और पीटीएम टलवाने के लिए एक सीनियर छात्र ने प्रद्युम्न का गला रेतकर हत्या कर दी थी, जिसे वह जानता तक नहीं था.

लेकिन सीबीआई की पूछताछ और जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, उसमें अब कई तरह की बातें सामने आने लगी हैं. सीबीआई की मानें तो प्रद्युम्न और आरोपी छात्र एक-दूसरे को अच्छी तरह जानते थे और आरोपी छात्र उसे बहला-फुसलाकर वॉशरूम लेकर गया था, जहां उसने उसे मौत दी.

प्यानो क्लास में साथ जाते थे दोनों
सीबीआई की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि प्रद्युम्न और आरोपी छात्र दोनों प्यानो क्लास साथ में जाते थे. प्यानो क्लास की वजह से दोनों एक -दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे और यही जान-पहचान प्रद्युम्न की मौत की वजह बनी. प्रद्युम्न के परिवार के मुताबिक प्रद्युम्न पिछले दो वर्षों प्यानो क्लास में जा रहा था.

शनिवार को काउंसलिंग के दौरान आरोपी छात्र ने जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड को बताया कि आठ सितंबर की सुबह स्कूल पहुंचने के बाद उसने अपना बैग क्लास में रखा और सोहना मार्केट से खरीदा हुआ चाकू लेकर ग्राउंड फ्लोर पर आ गया. गला रेतने के बाद प्रद्युम्न ने खून की उल्टी की और चाकू पर गिर गया, जिसकी वजह से दूसरा घाव हुआ, जो बहुत गहरा था.

बहाने से लेकर गया बाथरूम
आरोपी छात्र प्रद्युम्न को जानता था इसलिए वह किसी मदद के बहाने बड़ी आसानी से उसे वॉशरूम ले गया और और उसका गला रेत दिया. सीबीआई के अनुसार आरोपी ने बताया, प्रद्युम्न ने पीठ पर बैग टांग रखा था, जिसने आरोपी के लिए कवच का काम किया और उसके कपड़ों पर खून का कोई निशान या छींटें नहीं पड़ीं. इसके बाद चाकू को वॉशरूम में छोड़कर वह बाहर निकल गया और माली व टीचर्स को जानकारी दी.

इसके अलावा, जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने उसने कथित रूप से यह भी कबूल किया कि उसे एग्जाम का खौफ था और वह किसी भी सूरत में उसे टलवाना चाहता था. तीन दिन की रिमांड खत्म होने के बाद शनिवार को सीबीआई ने आरोपी छात्र को जूवेनाइल जस्टिस मैजिस्ट्रेट देवेंद्र सिंह के सामने पेश किया था. जांच एजेंसी ने रिमांड बढ़ाए जाने की कोई मांग नहीं रखी, इसलिए कोर्ट ने आरोपी छात्र को 22 नवंबर तक के लिए फरीदाबाद के सुधार गृह भेज दिया.