कई पूर्व क्रिकेटर कर रहे हैं धोनी की आलोचना, लेकिन यह पुराना आलोचक दे रहा साथ

महेंद्र सिंह धौनी : फाइल फोटो

राजकोट में भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए दूसरे टी20 मैच में भारत की हार का जिम्मेदार बताते हुए कई पूर्व खिलाड़ियों ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की जमकर आलोचना की थी. धोनी की आलोचना करने वालों में वीवीएस लक्ष्मण, अजित अगरकर, आकाश चोपड़ा और सौरव गांगुली भी शामिल थे. इन पूर्व क्रिकेटरों ने धोनी को टी20 से बाहर कर किसी युवा खिलाड़ी को मौका दिए जाने की वकालत की थी. बता दें कि उस मैच में धोनी ने 36 गेंदों का सामना कर 49 रन बनाए थे.

उन्होंने अपेक्षा के अनुरूप काफी धीमी बल्लेबाजी की थी, जिसके कारण भारत इस मैच में काफी पिछड़ गया था और न्यूजीलैंड ने इस मैच में भारत को मात दे दी थी. इसी मैच के बाद धोनी की आलोचना होने लगी थी. एक ओर माही के आलोचकों की संख्या में इजाफा हो रहा है, तो दूसरी तरफ उनके समर्थन में आने वालों की भी कोई कमी नहीं है. धोनी के सपोर्ट में विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग, टीम इंडिया के कोच रवि शास्त्री और पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज सैयद किरमानी खुलकर आए थे. सैयद किरमानी ने तो धोनी की आलोचना करने पर अजीत अगरकर की जमकर क्लास लगाई थी और कहा कि धोनी के सामने उनकी हैसियत ही क्या है?

धोनी के सपोर्ट में अब एक और नाम जुड़ गया है. यह नाम है खब्बू बल्लेबाज गौतम गंभीर का. टीम इंडिया के पूर्व ओपनर गौतम गंभीर भी अब धोनी के समर्थन में आ गए है. उन्होंने धोनी की आलोचना करने वालों की जमकर खबर ली. गंभीर ने कहा कि धोनी ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो किया है, वह किसी से छिपा नहीं है. धोनी ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वो बाकी क्रिकेटर्स को नसीब नहीं होती. इसलिए धोनी की आलोचना करने वालों को पहले सोच लेना चाहिए कि वह क्या बोल रहे हैं.

गौतम गंभीर -फाइल फोटो

गौतम गंभीर ने कहा कि हर समय भारतीय टीम की हार के लिए धोनी को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है. जब उनकी तारीफ करनी चाहिए तब कोई करता नहीं, लेकिन जैसे ही कुछ कमी दिखाई देती है सब उनकी आलोचना करने में लग जाते हैं. आलोचकों को सोचना चाहिए कि अकेले धोनी ही टीम में नहीं खेलते, धोनी के अलावा बाकी 10 खिलाड़ी में मैच में उतरते हैं, इसलिए हार-जीत पूरी टीम की होती है अकेले खिलाड़ी की नहीं.

गंभीर ने आगे कहा कि उन्होंने सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़, सहवाग और धोनी के मार्गदर्शन में खेला है, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा मजा धोनी की कप्तानी में ही आया. उन्होंने बताया कि हम दोनों एक ही उम्र के आस-पास हैं, इसलिए हम खेल का खूब आनंद लेते थे और खूब मजे करते थे. गंभीर ने कहा कि धोनी हमेशा से ही चीजों को सामान्य रखने की कोशिश करते थे. वो कभी किसी भी चीज पर ज्यादा रियेक्ट नहीं करते हैं. धोनी की यही खूबी उन्हें महान बनाती है.

गौतम गंभीर के टीम से बाहर होने के बाद उनके धोनी के साथ रिश्ते ज्यादा अच्छे नहीं रह गए थे. कई मौकों पर गंभीर ने धोनी की आलोचना भी की है, इसलिए गंभीर का धोनी के बारे में ऐसे बयान की उम्मीद किसी को नहीं थी.