श्री श्री के पैग़ाम-ए-मोहब्बत कार्यक्रम में शहीदों के परिवार मिलकर भरेंगे दिलों के जख्म

शुक्रवार शाम बेंगलुरू में आर्ट ऑफ लिविंग के हेडक्वॉर्टर में ‘हीटिंग हार्ट- पैगाम-ऐ-मोहब्बत’ नाम से यह कार्यक्रम होना है. जिसमें कश्मीर घाटी में रह रहे लोग और कश्मीर में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद सैनिकों के परिवार वाले पहली बार एक साथ आ रहे हैं और मिलकर दिलों के जख्म भरेंगे. यह पहल की है आर्ट ऑफ लिविंग के फाउंडर श्री श्री रविशंकर ने.

इस आयोजन से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कश्मीर घाटी से करीब 93 परिवार इस रेकन्सिलीऐशन (मेल-मिलाप) मीट में आ रहे हैं. साथ ही कश्मीर में शहीद हुए करीब 58 सैनिकों के परिवार वाले भी इसमें मौजूद रहेंगे. ये देश के अलग-अलग हिस्सों से आ रहे हैं.

शहीद सैनिक आर्मी और पैरामिलिट्री फोर्स में देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए. सूत्रों के मुताबिक कश्मीर घाटी से आ रहे परिवारों ने भी अपने किसी प्रिय को आतंकी वारदात या क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में खोया है.

अधिकारी ने बताया कि जब एक शहीद के परिवार वाले, कश्मीर घाटी से आए परिवार से मिले तो उन्हें लगा कि उनका दर्द साझा है. शहीद के परिवार के एक सदस्य ने कहा कि मुझे लगता था कि मैं कभी कश्मीर घाटी के लोगों को माफ नहीं कर पाऊंगी लेकिन यहां उनसे मिलकर लगा कि वह भी दर्द झेल रहे हैं.

वे भी तो आतंक की वजह से अपने प्रियजनों को खो रहे हैं. उनका और हमारा दर्द एक सा है. आयोजन से जुड़े लोगों के मुताबिक जब शुक्रवार शाम को ये सभी परिवार एक साथ बैठेंगे तो सारे गिले शिकवे दूर होंगे.