नोटबंदी की सालगिरह के साथ भाजपा के ये वरिष्ठ नेता मनाएंगे अपना 90वां जन्मदिन

भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी बुधवार, 8 नवंबर को 90 साल के हो गए. भाजपा को यहां तक पहुंचाने में आडवाणी की भूमिका बेहद अहम रही है. हम आपको उस घटनाक्रम के बारे में बताएंगे, जब आडवाणी की कही एक बात से नरेंद्र मोदी इतने आहत हो गए थे कि बोलते समय उनके आंसू झलक पड़े थे.

यह किस्सा तब का है, जब 2014 के लोकसभा चुनावों में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिला और पार्टी ने केंद्र में सत्ता बनाई. नरेंद्र मोदी को आगे कर चुनाव लड़ा गया था. पार्टी की इस जीत के बाद संसदीय बोर्ड की बैठक हुई, जहां मोदी को नेता चुने जाने की औपचारिकता पूरी की गई। इस मौके पर आडवाणी समेत सभी वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे.

आडवाणी ने मोदी के नाम का प्रस्ताव रखते हुए कहा था कि यह सब नरेंद्र भाई की कृपा है. मोदी को कृपा शब्द अच्छा नहीं लगा. अपनी बारी आने पर मोदी ने भावुक होते आडवाणीजी के आग्रह किया कि वे ‘कृपा’ शब्द का प्रयोग न करें.मोदी का कहना था, कृपया ‘कृपा’ शब्द का इस्तेमाल न करें.

एक बेटा अपनी मां पर कृपा नहीं करता है. बेटा समर्पण के साथ काम करता है. मैं भाजपा को अपनी मां मानता हूं.
यह पहला मौका था जब पूरे देश में मोदी को भावुक अंदाज में देखा था. इसी भाषण के दौरान जब अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र आया, तब भी मोदी का गला भर आया था.