प्राकृतिक झरनों की सुरक्षा के लिए NGT ने उत्तराखंड सरकार को दिए निर्देश

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मंगलवार को उत्तराखंड सरकार को गौरीकुंड जैसे प्राकृतिक झरनों को सुरक्षित एवं संरक्षित करने का निर्देश दिया.

अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य में गर्म पानी के झरनों को संरक्षित रखने के लिए निर्देश दिए जाने के अनुरोध वाली याचिका का निपटारा करते हुए यह निर्देश जारी किया. यह याचिका एक स्थानीय नागरिक ने दाखिल की थी.

गौरीकुंड एक तीर्थस्थल है और प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर जाने के लिए यह बेस कैंप है. यह समुद्र तल से करीब 6500 फुट की ऊंचाई पर हिमालय क्षेत्र में स्थित है.

वकील गौरव बंसल के जरिए दाखिल याचिका में वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलोजी के एक शोध पत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि सरकार द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने के कारण राज्य में कई प्राकृतिक झरनें समाप्त होते जा रहे हैं.