लव जिहाद : महिला ने अपने पति के साथ जाने का किया फैसला

जोधपुर, राजस्थान हाई कोर्ट ने 22 साल की पायल सिंघवी से आरिफा मोदी बनी युवती को मुक्त कर दिया. इसके बाद वह पति के साथ चली गई. पायल के भाई की शिकायत पर पिछले हफ्ते कोर्ट ने उसे सरकारी नारी निकेतन भेज दिया था. इसके बाद वह पति के साथ चली गई.

पायल के भाई की शिकायत पर पिछले हफ्ते कोर्ट ने उसे सरकारी नारी निकेतन भेज दिया था. भाई ने आरोप लगाया था कि उसका जबरन धर्मांतरण कराकर निकाह कराया गया. पायल सिंघवी उर्फ आरिफा मोदी को मंगलवार को जोधपुर हाई कोर्ट में पेश किया गया. उसके भाई के वकील गोकुलेश बोहरा ने बताया कि सुनवाई के दौरान उसने दोबारा नारी निकेतन जाने से इंकार कर दिया.

पायल के वकील ने उसे नारी निकेतन में रखने का विरोध करते हुए कहा कि वह वयस्क है, उसे अपनी मर्जी से जीने का हक है. इस पर कोर्ट ने पायल से पूछा, तो उसने कहा कि वह नारी निकेतन नहीं जाना चाहती. इसके बाद कोर्ट ने उसे मुक्त कर दिया, तो वह अपने पति फैज मोदी के साथ चली गई.

पायल उर्फ आरिफा ने कोर्ट में माता-पिता को पहचानने से भी इंकार कर दिया. उसकी बात सुनते ही पिता की आंखों से आंसू छलक पड़े. पिता सुरेश सिंघवी ने कहा कि जिस बेटी को 23 साल तक पाला-पोसा, आज वह उन्हें पहचानने से इंकार कर रही है. बेटी लव जिहाद की शिकार हुई है. शादी के बाद उसे दुबई ले जाया जा रहा है. उन्होंने बेटी को वहां बेचने की आशंका भी जताई.

कोर्ट के बाहर विरोध
इधर, कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी, तो बाहर विभिन्न संगठनों के कार्यकता धर्म-परिवर्तन और कथित लव-जिहाद का विरोध करते हुए नारेबाजी कर रहे थे. उग्र भीड़ को देखते हुए पायल उर्फ आरिफा को अपने शौहर के साथ पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में हाई कोर्ट के पीछे के गेट से बाहर निकाला.