IndVsNZ तीसरा टी20 मैच आज, सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

मंगलवार को तिरुवनंतपुरम में टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और निर्णायक टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में जीत के साथ सीरीज अपने नाम करने के इरादे से उतरेगी. जबकि कीवी दूसरा मैच जीतने के बाद कीवी टीम के हौसले भी बुलंद हैं और उसका इरादा भी सीरीज पर कब्जा करने का होगा. भारतीय टीम अगर जीतती है तो यह उसकी पांच साल में तीसरी टी-20 सीरीज जीत होगी.

विराट कोहली की अगुआई वाली टीम इंडिया काफी अच्छी फॉर्म में चल रही है, लेकिन न्यूजीलैंड ने पहले वनडे और फिर टी-20 सीरीज में उसे कड़ी टक्कर दी. इस मुकाबले में महेंद्र सिंह धोनी के बल्लेबाजी क्रम पर सभी की नजरें टिकी होंगी
हालांकि मौसम इस मैच में खलल डाल सकता है.

सीरीज 1-1 से बराबर चल रही है और आशंका जताई जा रही है कि इससे पहले हुई भारत-ऑस्ट्रेलिया की तरह ही इस सीरीज का निर्णायक मैच भी बारिश की भेंट चढ़ सकता है, क्योंकि मौसम विभाग ने बारिश की भविष्यवाणी की है.

शहर में लगभग तीन दशक (29 साल) बाद अंतरराष्ट्रीय मैच का आयोजन हो रहा है. यह मैच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि धोनी को सबसे छोटे प्रारूप में बदलने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है. भारत के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी वीवीएस लक्ष्मण ने कहा है कि धोनी एकदिवसीय टीम का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन समय आ गया है कि सबसे छोटे प्रारूप में किसी और को निखारा जाए.

चौथे नंबर पर उतर सकते हैं धोनी
धोनी ने दूसरे टी-20 मैच में 37 गेंद में 132 के स्ट्राइक रेट से 49 रन की पारी खेली थी जो बुरा प्रदर्शन नहीं है, लेकिन पिछले एक साल में उनका स्ट्राइक रोटेट करने में नाकाम रहना चिंता की बात है. धोनी ने पांच गेंद में बाउंड्री से 26 रन जुटाए जिसमें तीन छक्के और दो चौके शामिल रहे लेकिन बाकी 32 गेंद में वह 23 रन ही बना सके.

 

अब यह देखना रोचक होगा कि कप्तान कोहली और मुख्य कोच रवि शास्त्री अगले मैच में धोनी को कौन से क्रम पर खिलाते हैं. कुछ लोगों का सुझाव है कि भारत के जल्द विकेट गंवाने पर धोनी चौथे नंबर पर बेहतर हैं क्योंकि इससे उन्हें जमने का समय मिलता है.

दूसरे मैच में मनरो पड़े थे भारत पर भारी
भारत ने पहले टी-20 में न्यूजीलैंड को 53 रन से हराया था. दूसरे मैच में टीम को 40 रन से हार का सामना करना पड़ा, जहां कॉलिन मनरो ने मेजबान टीम के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करते हुए शतक जड़ा. कोहली ने 42 गेंद में 65 रन बनाए, लेकिन बाकी बल्लेबाजों ने निराश किया. क्षेत्ररक्षक भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए. भारत को कैच छोड़ने का खामियाजा भी भुगतना पड़ा.