निजी क्षेत्र में भी आरक्षण होना चाहिए: नीतीश कुमार

निजी क्षेत्र में आरक्षण के मामले पर उपजे विवाद और आरोप-प्रत्यारोप के बीच बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी तोड़ी. पटना में एक प्रेस वार्ता के दौरान नीतीश ने कहा कि यह मेरी राय है कि निजी क्षेत्र में भी आरक्षण होना चाहिए. इस पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस होनी चाहिए.

नीतीश ने कहा कि जो भी फैसला लिया जाएगा वो बिहार के हित का होगा. वहीं इस मसले पर भारतीय जनता पार्टी के सांसद हुकुम नारायण ने कहा कि यह सही है.

यह वास्तव में राष्ट्रीय स्तर पर बननना चाहिए. हम इसके लिए नीतीश को बधाई देते हैं. गौरतलब है कि बिहार में अब से संविदा या ठेके पर होने वाली भर्तियों में आरक्षण व्यव्स्था लागू किया जाएगा. 1 नवंबर (बुधवार) को मंत्रीपरिषद की हुई बैठक में नीतीश कुमार ने यह फैसला लिया.

बता दें कि अभी तक इन भर्तियों में आरक्षण व्यवस्था लागू नहीं होती थी. इस फैसले के बाद से अब बिहार में संविदा या ठेके पर जितनी भी नियुक्तियां होंगी चाहे वो डॉक्टर की हो या फिर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की सभी में आरक्षण लागू होगा.

हालांकि इन नौकरियों में अभी आरक्षण का क्या प्रावधान होगा, कितनी प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी, अभी तय नहीं हुआ है. लेकिन माना जा रहा है कि आरक्षण के मौजूदा कानूनों के मुताबिक ही होगा. नीतीश कुमार के इस फैसले को राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. क्योंकि राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता लालू यादव गठबंधन टूटने के बाद से ही नीतीश पर आरक्षण विरोधियों के साथ जाने का आरोप लगा रहे थे. लालू ने कई बार आरक्षण के मुद्दे पर नीतीश कुमार पर निशाना भी साधा था.