पंत ने किया आंवलाघाट पेयजल पंपिंग योजना का निरीक्षण

पिथौरागढ, शुक्रवार को प्रदेश के वित्त, पेयजल, आबकारी, संसदीय कार्य मंत्री ,विधायक पिथौरागढ़ प्रकाश पन्त द्वारा अपने विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत पिथौरागढ़ नगर हेतु निर्माणाधीन आंवलाघाट पेयजल पंपिंग योजना के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों का अधिकारियों के साथ स्थलीय निरीक्षण किया गया. निरीक्षण के दौरान मंत्री द्वारा आवंलाघाट में रामगंगा नदी किनारे निर्माणाधीन वैल पंपिग सैट, विद्युतीकरण आदि के अवशेष कार्यों के संबंध में कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम, विद्युत विभाग एवं विद्युत यंत्रिक खंड पेयजल निगम के अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेते हुए  पेयजल मंत्री कहा कि आगामी 30 नवम्बर तक उक्त योजना के अंतर्गत अवशेष सभी कार्यों को प्रत्येक दशा में पूर्ण करते हुए पेयजल निगम 01 दिसम्बर से पंपिग योजना का परीक्षण करना प्रारम्भ करना सुनिश्चित करेंगे.

उन्होने उक्त अवशेष कार्यों को 01 माह के भीतर पूर्ण किये जाने हेतु मुख्य विकास अधिकारी पिथौरागढ़ वन्दना को निर्देश दिये किवह प्रतिदिन कराये जाने वाले कार्यों के संबंध में तीनों कार्यदायी संस्थाओं के साथ प्लान तैयार करते हुए प्रतिदिन उसकी स्वंय समीक्षा करना सुनिश्चित करेंगे. निरीक्षण के दौरान मा0 पेयजल मंत्री ने कहा कि उक्त योजनान्तर्गत जो भी अवशेष कार्य रह गये है आगामी 30 नवम्बर तक प्रत्येक दशा में पूर्ण कर लिये जाय.

उन्होंने पेयजल निगम को निर्देश दिये कि वह 01 दिसम्बर से आगामी 03 माह तक उक्त योजनान्तर्गत पंप ट्रायल का कार्य प्रारम्भ करना सुनिश्चित करेंगे ताकि योजना के अंतर्गत जो भी कमियां या समस्याऐं आयेगी उक्त अवधि के अंतर्गत उसे दूर किया जा सके. उन्होंने कहा कि पंपध्योजना परीक्षण के पश्चात् 01 मार्च 2018 से पेयजल योजना से नियमित नगर को पेयजल आपूर्ति करना प्रारम्भ किया जायेगा. निरीक्षण के दौरान मा0 मंत्री ने यांत्रिक खंड द्वारा सभी पंप स्टेशनों में निर्मित किये जाने वाले विद्युत रीडिंग रूम कक्ष का निर्माण शीघ्र प्रारम्भ करते हुए 30 नवम्बर से पूर्व उनका निर्माण कार्य पूर्ण करने के भी निर्देश दिये.

इसके अतिरिक्त आंवलाघाट में विद्युत रीडिंग रूम की स्थापना हेतु आवश्यक भूमि का भी मौके पर ही चयन करते हुए पेयजल मंत्री ने मौके पर उपस्थित उपजिलाधिकारी को निर्देश दिये कि वह आज ही उक्त भूमि के संबंध में जो भी प्रपत्र, नक्शे आदि की आवश्यकता कार्यदायी संस्था को है उसे उपलब्ध कराया जाय. उन्होंने उक्त योजना में अवशेष कार्यों को 01 माह के भीतर पूर्ण करने हेतु कार्यदायी संस्था पेयजल निगम, विद्युत विभाग एवं पेयजल निगम विद्युत यंात्रिक खंड को निर्देश दिये.

उन्होंने उक्त अवशेष कार्यों को समय पर पूर्ण कराये जाने हेतु मुख्य विकास अधिकारी को प्रतिदिन समीक्षा करते हुए विभाग को निर्देश दिये कि अगर कार्यों को संपन्न कराने मे किसी भी प्रकार की समस्यां हो तो वह तत्काल मुख्य विकास अधिकारी को सूचित करे ताकि उनके माध्यम से समस्यां का समाधान जनपद एवं शासन स्तर पर तत्काल किया जा सके.उन्होंने कहा कि उक्त योजना के निर्माण हेतु धनराशि उपलब्ध करायी गयी है. धनराशि की किसी प्रकार की कोई कमी नही है सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें.