कांग्रेस की मांग- गैरसैंण में न हो विधानसभा सत्र, बहाना सुनकर हैरान रह जाएंगे आप

विपक्षी कांग्रेस ने दिसंबर में प्रस्तावित राजधानी गैरसैंण में अत्यधिक ठंड होने का हवाला देते हुए अगले महीने वहां राज्य विधानसभा का सत्र आयोजित करने का विरोध किया है. उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने अस्थायी राजधानी देहरादून में संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘गैरसैंण में दिसंबर में तापमान बहुत गिर जाता है और इतनी ठंड में वहां विधानसभा सत्र आयोजित किए जाने से सभी को असुविधा होगी.’

राज्य सरकार से निर्णय पर पुनर्विचार करने का अनुरोध करते हुए इंदिरा ने कहा कि इससे सत्र के लिए इंतजाम करने वाले कर्मचारियों और खबरों की रिपोर्टिंग करने वाले मीडिया के लोगों को भी बहुत असुविधा होगी. पिछले सप्ताह उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने गैरसैंण में सात से 13 दिसंबर के बीच विधानसभा सत्र आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी.

चमोली जिले में स्थित दूरस्थ गैरसैंण शहर उत्तराखंड की जनता खासतौर से पृथक राज्य आंदोलन की अगुवाई करने वाले उत्तराखंड क्रांति दल के लिए एक भावनात्मक मुद्दा रहा है जो पहाड़ी प्रदेश की राजधानी पहाड़ में बनाए जाने के पक्षधर रहे हैं.

कांग्रेस नेता ने राज्य सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि उसके पास भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए इच्छाशक्ति नहीं है. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता तो उसने अब तक लोकायुक्त विधेयक को पारित करवा दिया होता.

इस संबंध में सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘पूर्व मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी के कार्यकाल में विधानसभा से पारित प्रशंसनीय और राष्टपति की सहमति भी पा चुके लोकायुक्त विधेयक को भाजपा की सरकार क्यों नहीं पास करवाती.’

इंदिरा ने कहा, ‘भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की भाजपा का बहुप्रचारित नारा सिर्फ एक छलावा है. उनके पास राज्य विधानसभा में अच्छी खासी संख्या है. फिर भी उन्होंने लोकायुक्त विधेयक को सदन की प्रवर समिति को सौंप दिया.’