राज्य सरकार जनता को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी शासन देने के लिए प्रतिबद्ध : सीएम रावत

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत-फाइल फोटो

शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने दिल्ली में प्रेसवार्ता के दौरान सरकार की पिछले 7 महीनों की मुख्य प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि राज्य सरकार जनता को भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी शासन देने के लिए प्रतिबद्ध है. साथ ही, सरकार के क्रियाकलापों में जनसहभागिता को सुनिश्चित किया जाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के वित्तीय बोझ को कम करते हुए राजस्व बढ़ाने के उपाय किए जा रहे हैं. पर्यटन को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल शुरू की गई है. जनता से सीधा संवाद किया जा रहा है. कृषि आय दोगुना करना सरकार की प्राथमिकता है. गुड गवर्नेंस के लिए समाधान पोर्टल पर को मजबूत किया गया है. शिकायतों के लिए 1905 टोल फ्री नंबर जारी किया गया है.

उन्होंने कहा कि पलायन रोकने के लिये पलायन आयोग का गठन किया गया है. जिसका मुख्यालय पौड़ी में खोला गया है. साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है. पिरूल से बायोफ्यूल निकालने की योजना शुरू की जा रही है. होम स्टे योजना को बढ़ावा दिया जा रहा है. आओ अपने गांव की ओर लौटो, गांव के लिए कुछ करो, (घौर आवा, अपणा गौं का वास्ता कुछ करा…) मुहिम शुरू की जा रही है. उन्होंने कहा कि 670 न्याय पंचायतों को ग्रोथ सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है. राज्य सरकार ने स्वच्छता को प्राथमिकता में रखा है. उत्तराखंड ग्रामीण इलाकों में खुले में शौच मुक्त हुआ देश का चैथा राज्य है. उन्होंने कहा कि मार्च 2018 तक शहरी क्षेत्र को भी खुले में शौच मुक्त बनाएंगे. राज्य में 50 हजार से ज्याद टॉयलेट्स का निर्माण कराया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ और मैदान में संतुलन बनाया जा रहा है. इसके लिए पहाड़ पर कृषि और बागवानी में सुधार लाने हेतु कार्य किया जा रहा है. इसके साथ-साथ मैदान में स्टार्ट अप और उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि डॉक्टरों की तैनाती में पहाड़ों को प्राथमिकता दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मैदानी क्षेत्रों में नदियों को पुनर्जीवित करना सरकार की प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि कृषि एवं कृषकों प्रोत्साहित करने हेतु सरकार लगातार प्रयासरत् है. कृषि में चुनौतियां बहुत हैं, 70 फीसदी आबादी खेती पर निर्भर है, लेकिन खेती योग्य भूमि सिमटकर 7.70 लाख हेक्टेयर से घटकर 6.98 लाख हेक्टेयर रह गई. उन्होंन कहा कि राज्य का कुल भूमि का 71 फीसद वन क्षेत्र, 3 लाख हेक्टेयर बंजर भूमि है. पहाड़ों में ज्यादातर भूमि असिंचित है. 2004-05 में राज्य की जीडीपी में कृषि का योगदान 16.04 प्रतिशत था…अब यह घटकर 8.94 प्रतिशत है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य रखा है. किसानों को 2 फीसदी ब्याज पर 1 लाख रु. तक का कर्ज दिया जा रहा है. राज्य में चकबंदी की शुरुआत की जा रही है, यह एक गेमचेंजर फैसला है. राज्य में क्लस्टर बेस्ड फार्मिग के साथ सगंध पौधों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. किसानों को पारंपरिक खेती के साथ जैविक खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. कृषि संबंधित विभागों के एकीकृत किया जा रहा है. राज्य सरकार ने नर्सरी एक्ट लागू करने का फैसला लिया है.

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि डबल इंजन की सरकार के फायदे बताते हुए कहा कि केदारनाथ धाम में नई केदारपुरी का निर्माण किया जा रहा है. 889 किलोमीटर लंबे ऑल वेदर रोड के प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण और भू-हस्तातरण का काम तेजी से पूर्ण किया जा रहा है. केंद्र से ऑलवेदर रोड प्रोजेक्ट के लिए गढ़वाल क्षेत्र में 1700 करोड़ रुपए आवंटित किये जा चुके हैं, केंद्र की तरफ से, जल्द ही 4000 करोड़ रुपए की राशि आवंटित कर दी जाएगी. 148 कमी लंबे टनकपुर-पिथौरागढ़ हाइवे के लिए 1557 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए गए हैं. 125 किमी लंबे ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण की हर पल मोनिटरिंग की जा रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई केदारपुरी का निर्माण किया जा रहा है. नई केदारपुरी पौराणिकता और आधुनिकता का संगम होगा. नई केदारपुरी मास्टर प्लान के आधार पर बसाई जाएगी. जिसमें श्रद्धालुओं के लिए तमाम तरह की सुविधाएं होंगी. आपदा जैसी स्थिति से सुरक्षित रखने के लिए त्रिस्तरीय रिटेंनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा है. मंदाकिनी एवं सरस्वती नदियों के घाटों पर सुरक्षा दीवारें बनाई जाएंगी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 13 जिलों में 13 नए पर्यटन स्थल विकसित किए जा रहे हैं. पहाड़ में स्थित पर्यटन क्षेत्रों को रोप-वे से जोड़ने का काम किया जा रहा है. इसके अंतर्गत खरसाली-यमुनोत्री, गोविन्दघाट-घाघरिया, गुच्चुपानी-मसूरी के बीच रोप वे स्थापित किए जा रहे हैं. रोजगार के क्षेत्र में 5 करोड़ तक के ठेके स्थानीय युवाओं को दिए जा रहे हैं. अगले तीन साल में 40 हजार युवाओं को स्किल्ड करने का लक्ष्य रखा गया है. चमोली और पिथौरागढ़ में कौशल विकास केंद्रों की स्थापना की जाएगी. आईटीआई व पॉलिटेक्निक छात्रों को इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग दी जा रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. करप्शन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. गड़बड़ियां सामने आने पर उनकी समयबद्ध जांच एसआईटी से करवाई जाएगी. दोषी अफसरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमि मुआवजा घोटाला और राशन वितरण घोटाला पर एक्शन लिया गया है. सरकार ने ट्रांसफर और पोस्टिंग में पारदर्शी नीति अपनाई है. इसके साथ-साथ खनन माफियाओं पर लगाम कसने के लिए ई-टेंडरिंग की वयवस्था लागू की गई है.