उत्तराखंड में मुख्यमंत्री ने उर्वरकों के लिए डीबीटी प्रणाली का शुभारंभ किया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बुधवार को किसानों के लिए उर्वरकों हेतु प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली का शुभारम्भ किया. उत्तराखंड उन पांच राज्यों में शामिल है जहां पर बुधवार को डीबीटी प्रणाली का शुभारम्भ किया गया.

इस मौके पर अपने संबोधन में त्रिवेंद्र रावत ने इसे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ के सपने की दिशा में बढ़ाया गया एक और कदम बताते हुए कहा कि यह वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने में मददगार साबित होगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की अधिकांश जनता अब भी कृषि पर निर्भर है और राज्य सरकार का प्रयास है कि कृषकों को अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. उन्होंने कहा कि इसके लिए सभी कृषकों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड को आधारकार्ड से जोड़ा जाएगा.

रावत ने कहा कि डीबीटी के माध्यम से खाद्य पर सब्सिडी सीधे कृषकों के खाते में हस्तांतरित की जाएगी. उन्होंने कहा कि प्रत्येक किसान का मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनकर आधार से जुड़ जाएगा तो 2022 तक किसानों की आय दुगुनी करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में सहायता मिलेगी.

राज्य सरकार द्वारा लघु एवं सीमान्त कृषकों को एक लाख रुपये तक का ऋण दो प्रतिशत ब्याज दर पर दिए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के 2022 तक नए भारत के सपने को साकार करने एवं देश और समाज को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति का योगदान जरूरी है.

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने किसानों को डी.बी.टी के माध्यम से उर्वरकों का वितरण भी किया. प्रदेश के कृषि सचिव डी. सेंथिल पांडियन ने बताया कि राज्य में चार लाख 80 हजार किसानों के मृदा स्वास्थ्य कार्ड बन चुके हैं, जिनमें से 70 हजार कार्डों को आधार से जोड़ा जा चुका है. मार्च 2018 तक सभी कार्डों को आधार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है.