भारतीय वायुसेना पहली बार इस देश के साथ करेगी सैन्य अभ्यास

भारतीय वायुसेना (आइएएफ) इजरायल में गुरुवार से दो सप्ताह तक चलने वाले युद्धाभ्यास में भाग लेगी. यह पहली बार है जब भारतीय वायुसेना इजरायल में एक बहुपक्षीय युद्धाभ्यास में भाग लेगी. यह युद्धाभ्यास इजरायल के उवादा वायुसैनिक अड्डे में दो से 16 नवंबर तक चलेगा. सूत्रों की मानें तो इस युद्धाभ्यास के बेहद कूटनीतिक मायने हैं, क्योंकि इसमें अमेरिका, फ्रांस, पोलैंड, ग्रीस, इटली और जर्मनी जैसे देश भी हिस्सा लेने वाले हैं.

 

मंगलवार को जारी रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि युद्धाभ्यास के लिए मंगलवार को वायुसेना के 45 सदस्यों वाला एक दल इजरायल के लिए रवाना हो गया. यह दल वहां ब्लू फ्लैग-17 का हिस्सा बनेगा. ब्लू फ्लैग एक द्विवार्षिक बहुपक्षीय युद्धाभ्यास है. इसका उद्देश्य युद्धाभ्यास में भाग लेने वाले देशों के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करना है. भारतीय वायुसेना इस युद्धाभ्यास में गरुड़ कमांडो सहित सी-130जे स्पेशल ऑपरेशनल विमानों के साथ भाग लेगी. मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘यह युद्धाभ्यास भाग लेने वाले देशों की जानकारी और लड़ाकू अनुभव साझा करने तथा ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने के लिए एक उचित मंच प्रदान करेगा.’

इजरायल के एक रक्षा दल ने मंगलवार को जम्मू एवं कश्मीर के ऊधमपुर जिले स्थित भारतीय थल सेना के उत्तरी कमान के मुख्यालय का दौरा किया. दल का नेतृत्व मेजर जनरल याकोव कोबी बराक कर रहे थे. उन्होंने उत्तरी कमान के जनरल कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अनबु से साझा हितों के मुद्दों पर चर्चा की.

विमान वाहक प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए भारत-अमेरिका के एक संयुक्त कार्यकारी प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को गोवा में हंसा स्थित नौसेना के अड्डे का दौरा किया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल में भारत के सात और अमेरिका के 14 अधिकारी शामिल हैं. प्रतिनिधिमंडल ने 29 से 31 अक्टूबर तक गोवा का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने भारतीय-अमेरिकी रक्षा प्रौद्योगिकी और व्यापार प्रस्ताव के तहत विमान वाहक तकनीक के क्षेत्र में सूचना का आदान-प्रदान किया.