पिथौरागढ़ : लिपूलेख के रास्ते चीन के साथ सीमा व्यापार बंद

लिपूलेख दर्रे के रास्ते भारत और चीन के बीच होने वाला कारोबार मंगलवार को बंद हो गया और यहां रह गए बाकी व्यापारी तकलाकोट मार्ट से चीन की तरफ लौट जाएंगे.

पिथौरागढ़ जिला स्थित धारचूला के एसडीएम और व्यापार के प्रभारी अधिकारी आरके पांडेय ने कहा कि दर्रे के रास्ते चीन से होने वाला आयात कई साल से निर्यात से ज्यादा रहा है. उन्होंने कहा कि हालांकि सही-सही आंकड़ा एकत्रित करने में एक सप्ताह का समय लग सकता है.

पांडेय ने बताया कि भारतीय व्यापारी कच्ची तिब्बती ऊन, ऊनी कपड़े, जूते, जैकेट और अन्य ऊनी वस्तुओं का आयात करते थे और इसके बदले शुगर कैंडी, गुड़ तथा स्टील के बर्तन भेजते थे.

लिपूलेख दर्रे से भारत-चीन सीमा व्यापार की शुरुआत 1992 में शुरू हुई थी. उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्र के आदिवासी व्यापारी और चीन के पश्चिमी तिब्बती जिले के तकलाकोट क्षेत्र के तिब्बती कारोबारियों के बीच यह व्यापार होता है.