‘क्या खोया, क्या पाया’ : उत्तराखंड के 17 वर्षों का हिसाब-किताब करेगी कांग्रेस

उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ​किशोर उपाध्याय ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी एक नवंबर से विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर इस पर गहन विचार विमर्श करेगी कि गठन के 17 वर्षों में राज्य ने ‘क्या पाया और क्या खोया.’ इसमें आने के लिए उन्होंने सत्तारूढ़ बीजेपी को भी न्योता भेजा है.

अगले महीने की नौ तारीख को राज्य के गठन के 17 वर्ष पूरे होने हैं. इससे पहले उपाध्याय ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस मुहिम का आगाज एक नवंबर से राजधानी देहरादून में होगा. इसमें खुले मंच पर सभी को स्वतंत्र रूप से अपने ​विचार रखने के लिए आमंत्रित किया जाएगा. सभी भविष्य की चुनौतियों से निपटने के तरीकों पर भी अपनी राय साझा करेंगे.

उन्होंने कहा कि लोगों में ऐसी धारणा भी है कि उत्तराखंड जनआकांक्षाओं के अनुरूप नहीं बन पाया, जिस कारण राज्य में पहाड़ी क्षेत्रों से पलायन जैसी बहुत सारी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं.

राज्य के पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मंच पर आने के लिए भाजपा सहित सभी पार्टियों को न्योता भेजा है. उन्होंने कहा, ‘यह मंच पहली नवंबर को विचार विमर्श करने के बाद भविष्य की रूपरेखा तय करेगा.’

उपाध्याय ने कहा कि इस विचार विमर्श के लिए उत्तराखंड क्रांति दल, माकपा, भाकपा, सपा, बसपा और कई सामाजिक संगठनों ने अपनी भागीदारी पर सहमति दे दी है.