ISIS मामला: गुजरात के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल से इस्तीफा मांगा

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल से राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की मांग करते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि हाल ही में गिरफ्तार किया गया आतंकी संगठन ISIS का एक संदिग्ध सदस्य उस अस्पताल में काम करता था, जहां पटेल पहले एक ट्रस्टी थे.

पटेल ने आरोप को ‘पूरी तरह बेबुनियाद’ बताकर खारिज कर दिया और बीजेपी से राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का राजनीतिकरण न करने तथा गुजरात के शांतिप्रिय लोगों को नहीं बांटने की अपील की.

आरोपों का जवाब देते हुए पटेल ने ट्वीट किया, ‘मेरी पार्टी और मैंने दो आतंकवादियों को पकड़ने की एटीएस की कोशिश की सराहना की है. मैं उनके खिलाफ सख्त और तीव्र कार्रवाई की मांग करता हूं. बीजेपी द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद हैं.’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘हम अनुरोध करते हैं कि चुनाव को देखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के विषयों को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाए. आतंकवाद का मुकाबला करने के दौरान शांति प्रिय गुजरातियों को नहीं बांटिए.’

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी कहा कि कांग्रेस को ‘स्पष्टीकरण देना चाहिए कि एक आतंकवादी इतने लंबे समय से वहां कैसे काम कर रहा था.’ गुजरात आतंक निरोधक दस्ता (एटीएस) ने दो दिन पहले दो संदिग्ध ISIS सदस्यों को गिरफ्तार किया था. प्राथमिकी के मुताबिक उनमें से एक आरोपी कासिम स्टिम्बरवाला पूर्व में भरूच जिले के अंकलेश्वर में स्थित सरदार पटेल अस्पताल में एक तकनीशियन के तौर पर काम करता था.

रूपाणी ने गांधीनगर में कहा कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और पटेल को देश को स्पष्टीकरण देना चाहिए क्योंकि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘यह एक गंभीर मुद्दा है क्योंकि एक आतंकी को उस अस्पताल से गिरफ्तार किया गया, जिसका संचालन पटेल कर रहे हैं। यह अब पता चला है कि हालांकि पटेल ने उस अस्पताल के ट्रस्टी के पद से 2014 में इस्तीफा दे दिया था, लेकिन अब भी वह अस्पताल मामलों के प्रमुख हैं.’

उन्होंने कहा, ‘सोचिए क्या होता अगर ये दोनों आतंकी गिरफ्तार नहीं होते… पटेल, राहुल गांधी और कांग्रेस को मुद्दे पर पाक साफ होना चाहिए. हम यह भी चाहते हैं कि पटेल राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दें.’

रूपाणी ने कहा, ‘इस बात का अब खुलासा हुआ है कि कासिम ने गिरफ्तारी से महज दो दिन पहले इस्तीफा दिया था. इससे कई सवाल उठते हैं. पटेल को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस तरह के व्यक्ति को उनके अस्पताल में नौकरी कैसे मिली और उसने अपनी गिरफ्तारी से कुछ ही दिन पहले इस्तीफा क्यों दिया.’

जावड़ेकर ने बेंगलुरू में कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि एक आतंकवादी अस्पताल में इतने समय तक कैसे काम करता रहा. उन्होंने कहा कि आईएस के दो संदिग्ध एक यहूदी धार्मिक स्थल पर हमले की साजिश रच रहे थे.

वहीं, कांग्रेस के संचार प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने पटेल का बचाव करते हुए कहा कि न तो वह, न ही उनके परिवार का कोई सदस्य भरूच हॉस्पिटल के ट्रस्टी हैं, जहां कथित आतंकवादी काम कर रहा था।

उन्होंने कहा कि परेशान बीजेपी गुजरात में आसन्न हार को देख रही है, जिसके चलते वह पटेल के खिलाफ बेबुनियाद आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को आतंकवाद से लड़ने की शिक्षा किसी और को देना बंद करनी चाहिए.