क्षेत्रीय राजतीतिक दलों में इस दल की आमदनी सबसे ज्यादा

देश में इस वक्त कई ऐसी क्षेत्रीय पार्टियां हैं जिन्होंने 2015-2016 में खूब पैसे कमाए बल्कि इसमें से कुछ पार्टियों ने तो अपनी पूरी आमदनी भी खर्च नहीं की. देश के क्षेत्रीय राजनीतिक दलों में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) की आमदनी सबसे ज्यादा है जबकि अन्नाद्रमुक और तेलगू देशम पार्टी क्रमश: दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं. गैर-सरकारी संगठन एसोसिएशन फार डैमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 के दौरान देश की 32 क्षेत्रीय पार्टियों के पास चंदे और अन्य स्रोतों से जुटाई गई कुल रकम 221.48 करोड़ रुपए रही. इनमें 77.63 करोड़ रुपए की आमदनी के साथ द्रमुक पहले स्थान पर जबकि 54.94 करोड़ रुपए के साथ अन्नाद्रमुक दूसरे और 15.98 करोड़ रुपए के साथ तेलगू देशम पार्टी तीसरे स्थान पर है.

आय के हिसाब से क्षेत्रीय दलों में इन 3 पार्टियों की कुल हिस्सेदारी 67 फीसद थी जिसका 50 प्रतिशत हिस्सा खर्च ही नहीं किया गया. एडीआर ने क्षेत्रीय दलों द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे गए आय और व्यय के ब्यौरे के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की है. इसमें बड़ा खुलासा करते हुए कहा गया है कि 32 क्षेत्रीय दलों में से केवल 18 ने ही आयकर दाखिल करने और चंदे में मिली रकम का ब्यौरा आयोग को दिया है.

कुल 47 क्षेत्रीय पार्टियों में से केवल एक-तिहाई ने अपनी अंकेक्षण रिपोर्ट समय पर दाखिल की है. एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग को अब तक अपनी अंकेक्षण रिपोर्ट नहीं जमा करने वाले 15 क्षेत्रीय दलों में समाजवादी पार्टी, जम्मू-कश्मीर नैशनल कॉन्फ्रेंस, राष्ट्रीय जनता दल, इंडियन लोक दल, ऑल इंडिया एन.आर. कांग्रेस, ऑल इंडिया यूनाइटेड डैमोक्रेटिंक फ्रंट, ऑल झारखंड स्टूडैंट्स यूनियन और महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी प्रमुख हैं.