कैटेलोनिया ने खुद को स्पेन से आजाद घोषित किया, मान्यता देने की गुजारिश

बार्सिलोना।… कई दिनों से जारी राजनीतिक उठापटक के बीच कैटेलोनिया ने खुद को स्पेन से आजाद घोषित कर दिया है. शुक्रवार को स्थानीय संसद द्वारा पारित प्रस्ताव में कहा गया कि कैटेलोनिया ने एक स्वतंत्र, संप्रभु और सामाजिक लोकतांत्रिक राज्य का गठन किया है. संसद ने दूसरे देशों और संस्थानों से उसे मान्यता देने की अपील की है. प्रस्ताव में कहा गया है कि वह स्पेन के साथ नए गणराज्य की स्थापना में सहयोग करना चाहता है. जब यह प्रस्ताव पास हुआ तो स्वतंत्रता समर्थक हजारों लोग संसद भवन के बाहर जमा थे. हालांकि, विपक्षी सदस्यों ने संसद की बैठक में हिस्सा नहीं लिया.

उधर स्पेन ने कैटेलोनिया को आजाद देश मानने से इन्कार कर दिया है. स्पेन की सीनेट ने कैटेलोनिया में केंद्रीय शासन लगाने की अनुमति दे दी है. कैटेलोनिया द्वारा आजादी की घोषणा के तुरंत बाद स्पेन के प्रधानमंत्री मारियानो राखोय ने लोगों से शांत रहने की अपील की और कहा कि वहां कानून का राज शीघ्र स्थापित किया जाएगा.

स्वतंत्रता समर्थक गठबंधन के सांसद मारता रोविरा ने बहस में भाग लेते हुए कहा कि यह इतना आसान नहीं है। आजादी हमें मुफ्त में मिलने नहीं जा रही है. एक ही दिन में सबकुछ नहीं बदला जाएगा. लेकिन, एक स्वतंत्र कैटेलोनिया की प्रक्रिया शुरू करने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प भी नहीं है.

हालांकि, कैटेलोनिया द्वारा आजादी की घोषणा सांकेतिक कदम है, क्योंकि स्पेन के अलावा अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी स्वीकार नहीं करेगा. लेकिन इस कदम ने स्पेन के राजनीतिक संकट को चार दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया है.

कैटेलोनिया में स्पेन की करीब 16 फीसद आबादी रहती है. यह देश का पूर्वोत्तर इलाका है. स्पेन की आर्थिक क्षमता में उसका हिस्सा 20 फीसद है. मैड्रिड के कथित हस्तक्षेप के खिलाफ गुस्सा कई वर्षों से उबल रहा था, जिसकी पराकाष्ठा इस साल एक अक्टूबर को आजादी पर जनमत संग्रह के रूप में सामने आई. अदालतों और केंद्रीय सरकार ने इसे गैरकानूनी घोषित कर दिया. इसके बावजूद मतदान हुआ और करीब 90 फीसद लोगों ने आजादी का पक्ष लिया. हालांकि, सिर्फ 43 फीसद लोगों ने मतदान में भाग लिया था.