…तो क्या सच में ताजमहल के वो गुप्त दरवाजे खोलने से डरती हैं सरकारें?

ताजमहल

पिछले कुछ दिनों से एक खबर वायरल हो रही है. यूट्यूब में टॉप ट्रेंडिंग में बना एक वीडियो है जहां लिखा है ताजमहल का वो दरवाजा जिसे खोलने से सरकार भी डरती है. इस खबर के पीछे कितनी सच्चाई है किसी को नहीं पता. लेकिन वायरल वर्ल्ड में ये खबर नंबर वन में बनी हुई है.

वीडियो में बताया गया है कि ताज महल का निर्माण साल 1631 में शुरू करवाया गया था. आज भी ताज महल का निर्माण कुशलता का एक बेमिसाल नमूना कहा जाता है. शोधकर्ताओं ने इस पर कई शोध किए और उनका मानना है कि ताजमहल के नीचे हजार से भी अधिक कमरे हैं. उनका मानना है कि ताजमहल जितना ऊपर है उतना ही धरती के नीचे भी बनाया गया है.

उस समय कोई भी किला बनाया जाता था तो बाहर निकलने का रास्ता भी बनाया जाता था. ऐसा ही ताजमहल के अंदर भी है. इसके नीचे एक रास्ता भी है जो कहीं दूर बाहर निकलता है. लेकिन उन तहखानों की तरह उस रास्ते को भी शाहजहां के समय से ही बंद करवा दिया गया. ताजमहल के नीचे के इन कमरों को ईटो से ही बंद करवाया गया है.

शोधकर्ताओं का मानना है कि इन सीटों को ताजमहल के निर्माण के पश्चात बनाया गया, अर्थात इन कमरों को बनाने के पश्चात इन्हें ईटो से ढक दिया गया. ऐसा हक केवल सरकार के पास ही है. शायद उन दरवाजों के पीछे कोई बड़ा खजाना हो सकता है. पुरातत्व शास्त्रियों का मानना है कि उन दरवाजों के पीछे ऐतिहासिक दस्तावेज भी हो सकते हैं जो हमारे इतिहास को बदल कर रख सकते हैं. अब इस खबर में कितनी सच्चाई है इसका कुछ पता नहीं चल पाया है.