आधार अनिवार्यता सुप्रीम कोर्ट पहुंची ममता सरकार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सामाजिक कल्याण की कई योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार को अनिवार्य बनाने के केन्द्र के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से दायर की गई याचिका पर 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा.

जस्टिस ए. के. सीकरी और अशोक भूषण की बेंच इस पर सुनवाई करेगी.वरिष्ठ अधिवक्ता और सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि याचिका पहले ही दायर की गई थी, अब 30 अक्टूबर को बेंच के समक्ष इस पर सुनवाई होगी.

उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने उन प्रावधानों को चुनौती दी है जिसमें कहा गया है कि बिना आधार कार्ड के कई सामाजिक कल्याण योजनाओं के लाभ को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. इससे पहले 25 अक्टूबर को केन्द्र ने सर्वोच्च अदालत को बताया था कि जिन लोगों के पास 12 डिजिट का बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन नंबर नहीं है, उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ आगे पाते रहने के लिए अनिवार्य रूप से आधार को लिंक करने की डेडलाइन को बढ़ाकर अगले साल 31 मार्च कर दिया गया है.

अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली बेंच को बताया था कि डेडलाइन को इस साल दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दिया गया है. यह उन्हीं लोगों पर लागू होगा जिनके पास आधार नहीं है और वे इसके लिए पंजीकरण कराना चाहते हैं.