प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केदारनाथ यात्राएं, कभी विवाद तो कभी रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिवाली की ठीक अगली सुबह शुक्रवार को केदारनाथ पहुंचे और यहां उन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए. पीएम मोदी ने यहां पूजा के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सवा सौ करोड़ जनता की सेवा ही बाबा केदार की सेवा है. बाबा केदारनाथ की पूजा के बाद उन्होंने विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास किया.

प्रधानमंत्री बनने के बाद पीएम मोदी की पिछले शुक्रवार को दूसरी केदारनाथ यात्रा है और हाल के वर्षों में वह तीन बार केदारनाथ का दौरा कर चुके हैं. हालांकि प्रधानमंत्री बनने के बाद उत्तराखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उन्हें कई बार केदारनाथ आने का न्योता दिया. पीएम मोदी केदारनाथ तो नहीं आए, लेकिन इन नहीं हुई यात्राओं पर भी खूब बवाल हुआ. आइए जानें नरेंद्र मोदी ने हाल के सालों में कब-कब केदारनाथ की यात्रा की और उनको लेकर कैसे रिकॉर्ड और बवाल रहे…

हाल की केदार यात्रा
सबसे पीएम मोदी की मौजूदा केदारनाथ यात्रा के बारे में बात करते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने केदारनाथ मंदिर में रुद्राभिषेक किया और करीब 20 मिनट तक पूजा की. उन्होंने यहां 5 योजनाओं का शिलान्यास भी किया. पीएम मोदी ने कहा कि एक समय था कि मैं यहां पर ही रहता था, लेकिन शायद प्रभु की इच्छा नहीं थी कि मैं हमेशा यहां पर ही रहूं. आज एक बार फिर बाबा ने मुझे अपनी शरण में बुलाया है. उन्होंने कहा, आज यहां से नई ऊर्जा लेकर 2022 में न्यू इंडिया के लक्ष्य को आगे बढ़ाएंगे.

इस यात्रा का विवाद
पीएम मोदी इस बार की केदारनाथ यात्रा से पहले ही विवाद शुरू हो गए थे. पीएम मोदी ने यहां जिन योजनाओं की आधारशिला रखी है उनमें से एक आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि का पुनर्निर्माण भी है. इस पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने उनकी यात्रा से पहले ही आपत्ति व्यक्त कर दी थी. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा था कि आठवीं सदी के ऋषि की समाधि के पुनर्निर्माण का कार्य चारों पीठों के शंकराचार्यों द्वारा किया जाना चाहिए था. हालांकि उत्तराखंड भाजपा ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि निर्माण कार्य सरकार द्वारा कराए जाते हैं और उसके प्रतिनिधि ही शिलान्यास भी करते हैं. बता दें कि शंकराचार्य की समाधि साल 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो गई थी.

पीएम बनने के बाद पहली केदार यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी साल 3 मई को केदारनाथ की यात्रा की थी. पीएम बनने के बाद उनकी यह पहली केदारनाथ यात्रा थी. यही नहीं पिछले 28 साल में वे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने केदारनाथ की यात्रा की है. 6 महीने तक कपाट बंद रहने के बाद मंदिर के कपाट खुलने के अवसर पर पीएम मोदी वहां गए थे. उनकी इस यात्रा का मकसद देश-दुनिया में श्रद्धालुओं को यह संदेश देना था कि आप नि:संकोच तीर्थयात्रा कर सकते हैं, डरने की कोई बात नहीं है. यही बात पीएम मोदी ने शुक्रवार को केदारनाथ में अपने भाषण में भी कही. उन्होंने कहा, वह कपाट खुलने के दौरान आए तो उन्होंने देश भर में यह संदेश देने की कोशिश की कि हादसे ही छाया से हम निकल चुके हैं. अब तक 4.5 लाख तीर्थयात्री केदारनाथ आ चुके हैं. अगले साल यह आंकड़ा दस लाख से ज्यादा पहुंचेगा.

मई में की गई यात्रा का रिकॉर्ड और विवाद
पीएम मोदी ने इस साल मई में जब केदारनाथ की यात्रा की तो यह अपने-आप में एक रिकॉर्ड था. क्योंकि पिछले 28 साल में वे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं. पीएम मोदी से पहले वीपी सिंह ने पद पर रहते हुए केदारनाथ की यात्रा की थी. इस यात्रा को लेकर भी विवाद यह है कि साल 2014 में उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कई बार उन्हें केदारनाथ यात्रा का न्योता दिया, लेकिन वे नहीं गए. लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव के बाद उत्तराखंड में भाजपा सरकार बनने के दो महीने से भी कम के समय में पीएम मोदी ने केदारनाथ की यात्रा की.

विधानसभा चुनाव से पहले चारधाम यात्रा के लिए काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले एक कार्यक्रम के लिए देहरादून यात्रा पर थे. इस दौरान उन्होंने केदारनाथ की यात्रा तो नहीं की, लेकिन केदारनाथ सहित चारधाम यात्रा के लिए ऑल वेदर रोड का शिलान्यास जरूर किया. 27 दिसंबर 2016 के इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा था कि यह प्रोजेक्ट 2013 की त्रासदी में जान गंवाने वालों के प्रति एक श्रद्धांजि है.

मोदी की 2013 की हवाई केदार यात्रा
साल 2013 में केदारघाटी सहित समूचे उत्तराखंड में बारिश के रूप में आफत बरसी. उफान पर आए नदी नालों ने ऐसी तबाही मचायी कि अकेले केदारघाटी में ही हजारों लोग लाखों टन मलबे के नीचे जिंदा दफन हो गए. सैकड़ों लोग पानी के तेज बहाव में बह गए. इस आपदा की घड़ी में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी उत्तराखंड पहुंचे. इस दौरान खबर आयी की मोदी 15000 गुजराती तीर्थयात्रियों को केदारनाथ आपदा से बचाकर अपने साथ ले गए हैं. यही नहीं उन्होंने गुजरात सरकार की तरफ से केदारनाथ के पुनर्निर्माण का भी प्रस्ताव रखा था.

विवादों की यात्रा
नरेंद्र मोदी उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे. आपदा के दौरान खबरें आयीं कि नरेंद्र मोदी 15000 गुजराती तीर्थयात्रियों को बचाकर अपने साथ ले गए हैं. बाद में जब इस पर खोजबीन हुई तो सवाल उठने लगे. उस समय राजनाथ सिंह भाजपा अध्यक्ष थे और विवाद गहराता देखकर वे सामने आए और उन्होंने कहा, ‘मैंने मोदी जी से बात की है और उन्होंने इस तरह का कोई दावा करने से इनकार किया है.’ टाइम्स ऑफ इंडिया के नेशनल न्यूज फीचर चीफ और संडे टाइम्स के एडिटर आनंद सुंदास ने बाद में बताया कि उन्हें यह आंकड़ा भाजपा के प्रवक्ता अनिल बलूनी से मिला था.

इससे जुड़े दूसरे विवाद पर पीएम मोदी ने अपनी मौजूदा केदारनाथ यात्रा पर रोशनी डाली. उन्होंने कहा, ‘2013 में जब यहां पर आपदा आई थी तब मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था और यहां के पुनर्निर्माण करने की अपील की थी. तब यहां के मुख्यमंत्री ने बैठक में हां कर दी थी, लेकिन थोड़ी देर में दिल्ली की राजनीति में तूफान आ गया था और दिल्ली के दबाव के कारण उत्तराखंड सरकार ने गुजरात की मदद लेने से मना कर दिया.’ बता दें कि केदारनाथ आपदा के समय विजय बहुगुणा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे, जिन्हें बाद में पद से हटा दिया गया था. यही नहीं बाद में उन्होंने कई अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ भाजपा की सदस्यता ले ली.