उत्तराखंड के प्रख्यात रंगकर्मी, चित्रकार और कार्टूनिस्ट बी. मोहन नेगी का निधन

उत्तराखंड के प्रख्यात रंगकर्मी, चित्रकार, साहित्यकार एवं कार्टूनिस्ट बी.मोहन नेगी का बुधवार रात अस्थायी राजधानी देहरादून में आकस्मिक निधन हो गया. वह 65 वर्ष के थे. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि मूल रूप से पौड़ी जिले के कल्जीखाल ब्लॉक के मन्यारस्यू पट्टी गांव के निवासी नेगी को हृदयाघात हुआ था और यहां एक निजी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली.

मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने प्रख्यात चित्रकार के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है और दिवंगत की आत्मा की शांति तथा दुःख की इस घड़ी में उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से कामना की है.

उन्होंने एक तरफ लघु कविताएं लिखीं तो दूसरी ओर चित्र, रेखाचित्र, कविता पोस्टर व कार्टून बनाकर तत्कालीन व मौजूदा हालात की तस्वीर समाज के सामने रखी.

बाद में नेगी का स्थानांतरण प्रधान डाकघर पौड़ी में हुआ तो यहां भी उन्होंने अपनी रचनाधर्मिता को संजीदा रखते हुए समाज को एक नया आयाम देने का कार्य किया. वर्ष 2009 में वे पौड़ी में ही उप डाकपाल के पद से सेवानिवृत्त हुए. उनकी बनाई कलाकृतियां आज भी जगह-जगह घरों की शोभा बढ़ा रही हैं. बताते हैं कि पौड़ी की रामलीला में कभी वे मुखौटा बनाया करते थे.

पौड़ी स्थित आवास पर उनके बनाए चित्र, कविता पोस्टर और कार्टून नेगी की जीवन शैली को बयां कर रहे हैं. पहाड़ से गायब हो रही चित्रकला को उन्होंने एक अध्याय के रूप में जोडऩे का महत्वपूर्ण कार्य किया. नेगी के असमय चले जाने से कला-संस्कृति एवं लोक साहित्य के क्षेत्र में जो रिक्तता आई है, उसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा.

कला के पुरोधा बी.मोहन नेगी ने जीवनपर्यंत गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी, रंवाल्टी, नेपाली, पंजाबी, हिंदी व अंग्रेजी भाषा के लगभग 700 कविता पोस्टर बनाए. उनके उकेरे गए चित्र लोकजीवन की जीवटता को प्रदर्शित करते हैं. खास बात यह कि जो भी चित्र नेगी ने बनाए, वे पर्वतीय जीवन की संजीदगी से भरे हुए हैं.