चीन को जवाब: हिंद महासागर में भारत बढ़ा रहा है ताकत

भारतीय नौसेना दक्षिण एशिया और समुद्रों में चीन की बढ़ती दादागीरी को देखते हुए हिंद महासागर में अपनी ताकत में इजाफा कर रही है. इसके लिए नौसेना हिंदमहासागर में जंगी जहाजों और लड़ाकू विमानों की तैनाती कर रही है.नौसेना फारस की खाड़ी से मलक्का स्ट्रेट्स तक फैले क्षेत्र में अपने युद्धपोतो के साथ घड़ी की दिशा (चारों ओर) में गश्त लगाएगी.

जिससे समुद्री क्षेत्र में लुटेरों और आतंकवादी घटनाओं को रोका जा सके और निगरानी की जा सकेगी. नौसेना 12 से 15 युद्धपोतों के साथ गश्त करेगी. साथ ही नवल सैटेलाइट रुक्मणी सेना की इस कार्रवाई की निगरानी करेगी. इस प्लान को मिशन ‘रेडी-वॉरशिप’ के तहत पूरा किया जाएगा. एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह मिशन 24X7 के आधार पर इस साल पूरा किया जाएगा. भारतीय नौसेना इस क्षेत्र में सुरक्षा के लिए जिम्मेदार है.

गौरतलब है कि चीन ने हिंद महासागर में पिछले कुछ समय से अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं. भारत के लिए यह चिंता की बात है. चीन तेजी से दक्षिण एशिया क्षेत्र में अपना विकास करने में जुटा है जिसे देखते हुए भारत उसे कोई भी मौका नहीं देना चाहता है. भारतीय नौसेना की बात करें तो इस वक्त नौसेना के पास 138 जंगीजहाज, 235 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर हैं, इस बेड़े में और विमान और जहाज शामिल किए जाएंगे. 2027 तक नौसेना के बेड़े में 212 युद्धपोत और 458 लड़ाकू विमान शामिल होंगे. जिन्हें देश की समुद्री सीमा की सुरक्षा में लगाया जाएगा.