केदारनाथ पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने को होगी अधिकारियों की तैनाती

केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए अलग से अधिकारियों की तैनाती की जाएगी.

उत्तराखंड के मुख्य सचिव एस रामास्वामी ने इस संबंध में सोमवार को अस्थायी राजधानी देहरादून में एक बैठक में पुनर्निर्माण से संबधित सभी विभागों को कार्य में तेजी लाने के लिए अलग से अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए और कहा कि उसकी लगातार समीक्षा भी की जाए.

साल 2013 में आयी प्रलयंकारी प्राकृतिक आपदा में तबाह हो गए केदारनाथ के पुनर्निर्माण कार्य के अंतर्गत सरस्वती नदी पर बाढ़ सुरक्षा और घाट का निर्माण, तीर्थ पुरोहितों के आवासीय भवनों का निर्माण, मंदिर परिसर पहुंचने के मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण, सौन्दर्यीकरण, मंदाकिनी नदी पर बाढ़ सुरक्षा और घाट निर्माण कार्य, शंकराचार्य समाधि और संग्रहालय का कार्य किया जाना है. प्रधानमंत्री ने 20 अक्टूबर को अपने केदारनाथ भ्रमण के दौरान इन परियोजनाओं का शिलान्यास किया था.

देहरादून में जारी एक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, बैठक में बताया गया कि घाटों का निर्माण सिंचाई विभाग और मंदिर तक एप्रोच रोड का निर्माण पर्यटन विकास विभाग द्वारा किया जाएगा. बिजली, पानी, सड़क आदि बुनियादी सुविधाओं का विकास सम्बंधित विभाग द्वारा किया जाएगा और सभी निर्माण कार्य इस तरह से किए जाएंगे कि मंदिर का दृश्य दूर से दिखाई दे.

प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप सड़क के दोनों तरफ बैठने और पानी की सुविधा होगी, प्रहर के अनुसार संगीत का वादन होगा. मंदिर परिसर में निर्माण कार्य करते समय इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि इसका मूल स्वरूप बना रहे. तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाएं विकसित करते समय मंदिर की भव्यता और दिव्यता को भी बरकरार रखा जाएगा.