म्यांमार को अपने नागरिकों को वापस लेना चाहिए : भारत

ढाका|…. बांग्लादेश के दौरे पर गयीं भारत की विदेश मंत्री ने कहा है कि म्यांमार को रोहिंग्या मुसलमानों को वापस लेना चाहिए ताकि एशिया में एक दशक से चले आ रहे सबसे बड़े शरणार्थी संकट को दूर किया जा सके. उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार की नेता आंग सान सू ची को सलाह दी थी कि वह रोहिंग्या मुद्दे पर अपनी छवि ‘बर्बाद’ नहीं करें.

विदेश मंत्री ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी की इस सलाह का हवाला दिया. बांग्लादेश-भारत संयुक्त सलाहकार आयोग की बैठक के बाद सुषमा ने बांग्लादेश पीएम से मुलाकात की. शेख हसीना के प्रेस सचिव अहसनुल करीम ने सुषमा के कथन का हवाला देते हुए बताया, ‘‘उन्होंने (मोदी) उनसे (सू ची) कहा कि आपकी बहुत अच्छी अंतरराष्ट्रीय छवि है, इसे बर्बाद मत करिए. ’’

यह स्पष्ट नहीं है कि मोदी ने यह टिप्पणी कब की. बांग्लादेशी मीडिया की खबरों में दावा किया गया है कि मोदी ने पिछले महीने अपनी म्यामां यात्रा के दौरान सू ची से मुलाकात के दौरान यह कहा था.करीम ने कहा कि सुषमा ने बांग्लादेश के इस रुख का समर्थन किया कि म्यांमार को अपने नागरिकों को वापस लेना चाहिए और आतंकवाद से लड़ते समय निर्दोष लोगों को दंडित नहीं करना चाहिए.

सुषमा स्वराज ने की खालिदा जिया से मुलाकात
अपने बांग्लादेश दौरे के दौरान सुषमा स्वराज ने रविवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से भी मुलाकात की. खालिदा जिया के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने वर्ष 2014 के चुनाव का बहिष्कार किया था और वर्तमान में बांग्लादेश की संसद में उसका कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. होटल सोनारगांव में सुषमा के साथ जिया की बैठक के बाद मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी के महासचिव फखरूल इस्लाम आलमगीर ने कहा, ‘‘उन्होंने (सुषमा ने) कहा कि भारत उम्मीद करता है कि चुनाव निष्पक्ष होंगे, इसमें सभी दलों की सहभागिता होगी. ’’दो दिवसीय यात्रा के तहत बांग्लादेश आईं सुषमा स्वराज इस दौरान इसी होटल में ठहरी हैं.