प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 बयान, जब वह कांग्रेस पर हमलावर हुए

गुजरात विधानसभा चुनाव की तारीख चुनाव आयोग द्वारा अभी तक घोषित न किए जाने को लेकर कांग्रेस ने आयोग पर निशाना साधा जिसका जवाब पीएम मोदी ने रविवार को गुजरात के अपने दौरे के दौरान दे दिया. पीएम मोदी ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि संवैधानिक निकाय पर सवाल खड़ा करने का कांग्रेस के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है…

यह पहली बार नहीं है जब पीएम कांग्रेस पर हमलावर हुए हों, आइए एक नजर डालें ऐसे ही कुछ अन्य मौकों पर भी…

1- ‘जब-जब गुजरात का चुनाव आता है, उन्हें बुखार आता है’
प्रधानमंत्री ने गुजरात गौरव महासम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था लोकतंत्र में चुनाव एक यज्ञ होता है… जब-जब यज्ञ होता है रुकावट डालने वाले इसमें रुकावट डालते हैं. आज भी ऐसे बहुत से लोग हैं जो लोकतंत्र के इस यज्ञ में रुकावटें डालेंगे क्योंकि भाजपा की विजय यात्रा कुछ लोगों को परेशान कर रही है. उन्होंने कहा, बहुत सरकारें देखी हैं, धनबल और बाहुबल से चलने वाली पार्टियां, वंशवाद से चलने वाली पार्टियां हैं, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से चलने वाली यह इकलौती पार्टी है. कांग्रेस का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि वह पार्टी की भाषा इतनी नीचे गिर सकती है, कोई सोच नहीं सकता. क्योंकि उसने सकारात्मक सोच को छोड़ दिया. नकारात्मक सोच के जरिए चुनाव जीतने की तिकड़म में लगी रहती है.

2- ‘कांग्रेस पार्टी जमानती पार्टी है, क्योंकि कांग्रेस के मुखिया खुद जमानत पर बाहर हैं’
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर वार करने का मौका गुजरात के अपने पिछले दौरे में नहीं छोड़ा. उन्होंने कांग्रेस को जमानती पार्टी तक कह डाला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जमानती पार्टी है, क्योंकि कांग्रेस के मुखिया खुद जमानत पर बाहर हैं और भ्रष्टाचार के मामलों में जमानत पर बाहर आए नेताओं के साथ मंच साझा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस की इतनी सरकारें आईं, लेकिन सिंचाई से जु़ड़ी तमाम योजनाएं अटकी पड़ी रहीं, क्योंकि कांग्रेस को विकास में कोई रुचि नहीं है.

3- ‘अभी तक हम गढ्ढे में पड़ी योजनाओं को पूरा कर रहे हैं…’
पीएम मोदी अगस्त में उदयपुर दौरे पर गए. प्रधानमंत्री ने वहां पंद्रह हजार एक सौ करोड़ रूपये की परियोजना का शिलान्यास और लोकापर्ण किया और इस दौरान कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि पुरानी बुराईयां इतनी बढ़ गई हैं कि अगर कोई ढीला इंसान होता तो शायद डर जाता, लेकिन हम जरा अलग मिट्टी के बने हैं. पीएम ने कहा कि हमें चुनौतियों को चुनौती देने की आदत है, हमारा काम देश को आगे ले जाना है. पीएम ने कहा था कि अभी तक हम गढ्ढे में पड़ी योजनाओं को पूरा कर रहे हैं, उन्हें गढ्ढे से बाहर निकालने में काफी ताकत लग रही है. मोदी बोले कि हमने एक साथ 9000 करोड़ रुपए का काम शुरू किया.

4- ‘पहले ऐसी सरकारें आयीं, जिनमें विकास से नफरत जैसा माहौल था’
सितंबर में पीएम मोदी वाराणसी गए. प्रधानमंत्री ने वहां अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार की कोशिश है कि गरीब की जिंदगी में बदलाव लाने के अवसर तैयार करने वाले सपने साकार हों. प्रधानमंत्री ने वाराणसी में करीब एक हजार करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद कहा, ‘हर समस्या का समाधान आखिर विकास में ही है. पहले ऐसी सरकारें आयीं, जिनमें विकास से नफरत जैसा माहौल था.

5- ‘वे मुझे कुछ नहीं बोल सकते. इसलिए वे चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं…’
रविवार को हुए वाकए के बैकग्राउंड के तौर पर बता दें कि 12 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने सिर्फ हिमाचल प्रदेश के लिए विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की थी. उसने उस दिन गुजरात के लिए विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा नहीं की थी. आयोग ने बस इतना ही कहा था कि गुजरात में चुनाव 18 दिसंबर से पहले होगा. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम और पार्टी के कई अन्य नेताओं ने इसपर सवालिया निशान खड़ा किया था…

पीएम मोदी ने रविवार को गुजरात में कहा, ‘उनमें (विपक्ष में) से कुछ परेशान हैं कि दीपावली के बाद मोदी क्यों गुजरात आ रहे हैं. वे मुझे कुछ नहीं बोल सकते. इसलिए वे चुनाव आयोग को निशाना बना रहे हैं.’