केदारनाथ पहुंचे पीएम मोदी, करेंगे पुनर्निर्माण के कई प्रोजेक्टों की शुरुआत

रुद्रप्रयाग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ पहुंच गए हैं. केदारनाथ में उन्होंने भोले बाबा की पूजा की. अब वह विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास करेंगे. सुबह करीब 8.55 बजे पीएम मोदी सेना के विशेष विमान से देहरादन स्थित जौलीग्रांट हवाई अड्डे पर पहुंचे. इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से केदारनाथ को रवाना हुए.

इसके बाद उन्होंने पूजा के लिए मंदिर में प्रवेश किया. इस दौरान उनका पारंपरिक तरीके से मंदिर समिति ने स्वागत भी किया. मंदिर में वह भगवान भोले की पूजा की. मुख्‍य पुजारी बागेश लिंग ने विधि विधान के साथ पूजा संपन्न कराई. अब वह निर्माण कार्यों की जायजा लेने के साथ ही उनका लोकार्पण व शिलान्यस भी करेंगे.

उनके केदारनाथ पहुंचते ही मंदिर परिसर को जीरो जोन कर दिया गया. तीर्थयात्रियों को दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई. उनके जाने के बाद ही आमजन मंदिर में दर्शन कर सकेंगे.इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर प्रदेश के राज्यपाल डॉ केके पॉल, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वागत किया.

केदारनाथ के बाद वह बदरीनाथ धाम भी जा सकते हैं. इसके बाद वह देहरादून पहुंचकर दिल्ली के लिए वापस उड़ान भरेंगे. पीएम मोदी के कार्यक्रम के मद्देनजर पूरी केदारपुरी को छावनी में तब्दील कर दिया है.केदारनाथ मंदिर को 10 कुंतल गेंदे के फूल से सजाया गया है.

मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद केदारपुरी में पुनर्निर्माण के कई प्रोजेक्ट की शुरुआत करेंगे. मोदी की यात्रा के बाद 21 अक्तूबर को हिमालयी मंदिर सर्दियों के लिए बंद हो जाएगा. प्रधानमंत्री केदारपुरी में कई पुननिर्माण परियोजनाओं की आधारशीला रखेंगे जिसमें आदि गुरु शंकराचार्य की समाधि का नवीनकरण भी शामिल है जो 2013 में आई विनाशकारी बाढ़ में तबाह हो गया था. पार्टी सूत्रों ने यहां कहा कि मोदी समुद्र के स्तर से करीब 11,660 ऊंचाई पर स्थित प्रसिद्ध मंदिर के पास एक जनसभा को संबोधित कर सकते हैं.

प्रधानमंत्री की यात्रा और दिवाली के मद्देनजर मंदिर को फूलों और लाइटों से सजाया गया है और त्यौहार मनाने के लिए कई पुजारियों ने घर नहीं जाने का फैसला किया है. इसी साल मई में मंदिर के कपाट खुलने के शुभ अवसर पर भी पीएम मोदी ने मंदिर में पूजा-अर्चना की थी. बता दें कि 2013 में प्राकृतिक आपदा केदारनाथ धाम को काफी नुकसान पहुंचा था. उत्तराखंड का केदारनाथ धाम, भारत के चार सबसे अहम धामों में से एक है. इस आपदा में करीब 4500 से ज्यादा लोग मारे गए थे.