बीजेपी सरकार का ‘डबल इंजन’ स्टार्ट नहीं हो रहा, सिर्फ घरघरा रहा है : हरीश रावत

इस साल विधानसभा चुनावों के दौरान उत्तराखंड में ‘डबल इंजन’ की सरकार आने के बाद विकास को पंख लगने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे पर तंज करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोमवार को कहा कि राज्य में यह इंजन स्टार्ट ही नहीं हो पाया.

अस्थायी राजधानी देहरादून में संवाददाता सम्मेलन में हरदा ने कटाक्ष किया, ‘उत्तराखंड में बीजेपी का बहुप्रचारित डबल इंजन शुरू ही नहीं हो पाया है. यह एक इंच भी आगे नहीं खिसका है. अब तक यह केवल घरघरा रहा है और धुआं निकाल रहा है. मैं प्रधानमंत्री से निवेदन करूंगा कि वह केदारनाथ भ्रमण के लिए आते समय दिल्ली से कोई विशेष ईंधन लाएं, जिससे यह डबल इंजन चल सके.’

पीएम मोदी ने उत्तराखंड विधानसभा चुनावों के दौरान हुई जनसभा में कहा था कि केंद्र और राज्य दोनों में बीजेपी की ‘डबल इंजन वाली सरकार’ ही प्रदेश को भ्रष्टाचार और विकास की कमी की समस्या से उबार सकती है.

गुरदासपुर उपचुनाव के नतीजे को एक बड़े बदलाव का संकेत बताते हुए हरीश रावत ने कहा कि जनता ने यह तुलना करनी शुरू कर दी है कि उनसे वादा क्या किया गया था और उन्हें दिया क्या जा रहा है.

उन्होंने कहा, ‘सच्चाई में न बदलने वाले खोखले दावे सरकारों को बहुत भारी पडेंगे. गुरदासपुर का नतीजा लोकतंत्र के लिए एक शुभ संकेत है.’ कांग्रेस नेता ने यह भी उम्मीद जतायी कि उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस संदेश को अच्छी तरह समझेंगे. उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि गुरदासपुर 1978 का आजमगढ साबित होगा, जिससे कांग्रेस का पुनरुत्थान शुरू हुआ था.’ उन्होंने कहा कि केदारनाथ में राज्य सरकार वहां से आगे ही नहीं बढ़ी है जहां से उनके नेतृत्व वाली सरकार ने उसे छोड़ा था.

रावत ने कहा, ‘केदारनाथ में पुनर्निर्माण की कोई नई पहल नहीं हुई है. जैसा हमने छोडा था, वह अब तक उसी स्थिति में है.’ उन्होंने कहा कि अपने केदारनाथ दौरे के दौरान प्रधानमंत्री को पूर्ववर्ती यूपीए सरकार द्वारा घोषित किए गए 8000 करोड रुपये के पैकेज में से तीन हजार करोड रुपये देने चाहिए.

पीएम मोदी 20 अक्टूबर को केदारनाथ आएंगे और वर्ष 2013 में आयी प्रलयंकारी आपदा जैसी प्राकृतिक त्रासदियों से मंदिर के बचाव के लिए बनायी गयी एक दीवार सहित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे.