पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन या केंद्रीय बल हटाने की मांग

बीजेपी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में या तो राष्ट्रपति होना चाहिए या राज्य से केंद्रीय बलों को पूरी तरह वापस बुला लिया जाए.

कोलकाता में पार्टी की ‘जनरक्षा यात्रा’ के मौके पर प्रदेश बीजेपी प्रमुख दिलीप घोष ने कहा कि दार्जिलिंग पर्वतीय क्षेत्र की तुलना कश्मीर घाटी या छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों से नहीं की जा सकती है जहां केंद्रीय बल तैनात हैं, क्येंकि उन्हें अशांत क्षेत्र घोषित किया गया है.

उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को दार्जिलिंग से केंद्रीय बलों को वापस बुलाने पर एतराज नहीं करना चाहिए, क्योंकि उन्होंने खुद ही दावा किया था कि पहाड़ियों में शांति लौट आयी है.’ घोष ने कहा, ‘या तो पश्चिम बंगाल में केंद्रीय बलों की पूर्ण तैनाती के साथ राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए या केंद्र को राज्य से अपने बलों को वापस बुलाने दीजिए तथा लोगों को अपनी राय प्रकट करने दीजिए.’

राज्य सरकार के इस दावे पर कि केंद्रीय बल प्रदेश बीजेपी की शह पर वापस बुलाए गए हैं, उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार प्रदेश बीजेपी कार्यालय से नियंत्रित नहीं है, जबकि राज्य सरकार तृणमूल आलाकमान द्वारा चलती है.’

घोष ने कहा कि पहाड़ियों की अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि सीआरपीएफ कर्मियों का उपयोग आईपीएस अधिकारियों और गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के बागी नेता बिनय तमांग के निवास की रक्षा के लिए किया जा रहा है.