देहरादून :पहली छमाही तक राज्य सरकार का बजट खर्च महज 40 फीसद

उत्तराखंड में काबिज बीजेपी सरकार की चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 की पहली छमाही बीत चुकी है और सातवां महीना शुरू हो चुका है. इस अवधि में अब तक करीब 16000 करोड़ बजट खर्च हुआ है. यह कुल बजट का करीब 40 फीसद है. खास बात यह है कि खर्च किए गए बजट में केंद्रपोषित योजनाओं के रूप में मिलने वाली मदद और कर्ज की हिस्सेदारी 30 फीसद है. उत्तराखंड में पलायन और विकास की गंगा पर रिवर्स गियर लगने का भरोसा डबल इंजन पर ही आकर टिक गया है.

राज्य बजट के सामने दो प्रमुख चिंताएं हैं. एक तो बजट का समय पर सदुपयोग और दूसरा, केंद्रीय मदद पर बढ़ती निर्भरता. प्रचंड बहुमत से जीती भाजपा सरकार अपने रुख से यह साफ कर चुकी है कि विकास के मामले में गेमचेंजर की भूमिका में यदि कुछ है तो वह है केंद्रीय मदद अथवा केंद्र की महत्वाकांक्षी परियोजनाएं. चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए कुल बजट 39957.78 करोड़ रखा गया है. इसमें से अभी तक महज 40 फीसद .

हालांकि, इस वक्त राज्य सरकार के सामने बड़ी चुनौती अपने सीमित संसाधनों में वृद्धि है. राज्य की कुल मासिक आमदनी करीब 1400 करोड़ है, जबकि वेतन-भत्तों-मानदेय देने पर हर महीने करीब 1500 करोड़ का खर्च बैठ रहा है। ‘आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपया’ से जूझ रहे उत्तराखंड को कर्ज का घी पीकर अपनी सेहत दुरुस्त रखनी पड़ रही है.