ऐसे निपटेंगे चीन-पाकिस्तान की चुनौती से, सेना पर आधुनिक हथियारों की कमी

एक ओर जहां भारत को चीन और पाकिस्तान की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है वहीं हालिया रिपोर्ट इस चिंता को और बढ़ा सकती है. इस खबर के मुताबिक भारतीय सेना अभी तक नए आधुनिक हथियार और उपकरण की बुनियादी सुविधाओं से महरूम है. इतना ही नहीं सैंनिकों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले राइफल, हल्के वजन वाली मशीगन और युद्ध में प्रयोग होने वाले कार्बाइन्स जैसी बुनियादी चीजें मानक स्तर की नहीं हैं. दशकों तक हम विदेशों से हथियार मंगवाते रहे और स्वेदशी विकल्पों में लगातार फेल होने के चलते आज तक स्थिति गंभीर बनी हुई है.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक पिछले हफ्ते आर्मी कमांडर की कॉन्फ्रेंस में छोटे हथियारों को युद्धक्षेत्र तक ले जाने में अभी काफी वक्त लगता है. इस समस्या पर भी जिक्र हुआ. बड़े ऑपरेशन के लिए के तोपखाने, बंदूक, एयर डिफेंस मिसाइल और हेलिकॉप्टर को लेकर कुछ योजनाएं ट्रैक पर हैं लेकिन छोटे हथियार अभी चिंता का कारण हैं.

खबरों के मुताबिक अभी की स्थिति में 12 लाख की क्षमता वाली भारतीय फौज को 8,18,500 के करीब आधुनिक असॉल्ट राइफल्स चाहिए. इसके साथ ही 4,18,300 क्लोज क्वॉर्ट बैटल कार्बाइन, 43,700 लाइट मशीनगन और 5,679 स्निपर राइफल खरीदने की योजना है. इन आंकड़ों में एयरफोर्स और नेवी भी शामिल है.’

जहां तक हथियारों की खरीद की बात है तो एक निश्चित संख्या में सीधे विदेशी कंपनियों से खरीदने की योजना थी. बाकी हथियार तकनीक ट्रांसफर के तहत देश में ही बनाए जाने थे लेकिन इन योजनाओं को अभी तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका है.