डोकलाम विवाद : चीन और भूटान फिर आ सकते है आमने-सामने

डोकलाम विवाद को लेकर चीन और भूटान फिर आमने-सामने होते दिख रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने एक बार फिर डोकलाम क्षेत्र में अपनी गतिविधि बढ़ा दी है. चीन ने नई चाल के तहत भारत के क्षेत्रों की तरफ अपनी सक्रियता नहीं बढ़ाई है लेकिन भूटान इस कदम से डरा हुआ है. इस बारे में चीन से स्थिति स्पष्ट करने के लिए चीन के साथ भूटान ने बातचीत की है.

राजनयिक सूत्रों ने बताया, ‘भूटान में भारत के राजदूत वेटसाप नमगिल ने गत दिनों नई दिल्ली में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई से मुलाकात की .’ चीनी दूतावास में हुई एक घंटे तक चली इस मीटिंग में भूटान ने अपनी चिंताएं स्पष्ट कीं. बता दें कि डोकलाम क्षेत्र से अपने सैनिकों को हटाने की चीन और भारत की घोषणा के ठीक 1 महीने बाद यह मीटिंग हुई है. नई दिल्ली और थिंपू का इस मामले में स्पष्ट रूख है कि डोकलाम भूटान का हिस्सा है जबकि चीन इस क्षेत्र पर अपना दावा ठोंकता रहा है. इस महीने की शुरुआत में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता की तरफ से एक बयान जारी कर कहा गया था कि डोकलाम फेस ऑफ साइट पर अभी कोई नई गतिविधि नहीं हो रही.

इसके बाद भी कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि पिछले कुछ सप्ताह में ची की डोकलाम क्षेत्र में गतिविधियां जारी हैं. चीन ने अपने रोड निर्माण के काम को रोक दिया है लेकिन फिर भी ऐसी खबरें आती रही हैं कि चीनी सेना डोकलाम से 800-900 मीटर की दूरी तक मौजूद है. मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा भी कहा जा रहा है कि चीन स्टैंडऑफ के क्षेत्र से 10-12 किमी. तक रोड निर्माण का काम कर रहा है. भूटान और चीन जल्द ही सीमा विवाद पर लंबी बातचीत करने वाले हैं. भूटान-भारत-चीन त्रिकोणीय क्षेत्र पर किसी भी फैसले का असर तीनों देशों के रिश्ते पर पड़ सकता है.