नैनीताल : अन्तर्राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर हुआ मॉक ड्रिल

नैनीताल, मॉकड्रिल में शुक्रवार प्रातः 8.02 बजे जनपद मुख्यालय में भूकम्प के तीव्र झटके महसूस किये गये. भूकम्प का केन्द्र जिला चमोली के हेलन में केन्द्र था जिसकी तीव्रता 7.2 मापी गयी. भूकम्प के तत्काल बाद जिला मुख्यालय स्थित आपदा नियंत्रण केन्द्र में सभी आईआरएस टीम के सदस्य उपस्थित हुये. भूकम्प से मुख्यालय में तीन स्थानों टीआरसी सूखाताल, तल्लीताल डांठ क्षेत्र व कैलाखान क्षेत्र में भारी नुक्सान होने की सूचना प्राप्त हुयी. लॉजिस्ट्रिक चीफमुख्य विकास अधिकारी प्रकाश चन्द्र ने 8.10 बजे तीन इन्सीडेन्ट कमान्डरों को तीन आपदा प्रभावित क्षेत्र में टीम के साथ भेजा गया.

स्टेजिंग ऐरिया टीआरसी सूखाताल आपदा स्थल में पैट्रोल पम्प में आग लगने की सूचना आई जिसे समय पर सुरक्षा दल द्वारा आग पर काबू पा लिया साथ ही गैस गोदाम में भी आग लगने की सूचना मिलने पर फायर बिग्रेड एवं रेस्क्यू दल द्वारा आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, परन्तु इन दोनों आपदा में 22 लोग गम्भीर घायल हो गये. इसी तरह स्टेजिंग एरिया द्वितीय तल्लीताल द्वारा रोडवेज विशप शॉ स्कूल एवं इन्दिरा फार्मेसी में भूकम्प के झटकों से भारी नुकसान हुआ. इन बहुमंजिला इमारतों में लोग फंसे रहे जिन्हें आपदा राहत दल द्वारा निकाला गया.

आपदा के कारण 09 लोगों की मुत्यु हो गयी, 25 गम्भीर तथा 92 लोग आंशिक रूप से घायल हुये जिन्हे एम्बुलेंस द्वारा उपचार हेतु स्टेजिंग ऐरिया आपदा राहत केन्द्र मल्लतीला फलैट्स भेजा गया जहां से गम्भीर घायलों को उपचार हेतु बीडी पांडे चिकित्सालय एवं हल्द्वानी चिकित्सालय भेजा गया. तृतीय आपदा आपदा क्षेत्र कैलाखान में एक वर्कशाप, विद्युत ट्रांसफार्मर में आग लग गयी तथा 10 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हुये, इस दौरान आपदा में 05 लोगों की मृत्यु हुयी तथा 33 घायल हुये, घायलों केा स्टेजिंग एरिया आपदा राहत केन्द्र में उपचार हेतु लाया गया जिनका उपचार किया गया. भूकम्प की वजह से विद्युत बाधित होने से स्नोभ्यू रज्जूमार्ग में पर्यटक फंस गये, जिन्हें आईटीबीपी के जवानों ने रोप द्वारा सुरक्षित निकालाया गया.

मैट्रोपोल पार्किंग में सहायता शिविर लगाया गया जहां पर आपदा पीड़ित को भोजन, पानी, चाय, बिस्कुट आदि दिया गया. आपदा में कुल 14 लोगों की मृत्यु हुयी, 50 गम्भीर घायल, 122 आंशिक रूप से घायल हुये जबकि आपदा में 10 लोग लापता हुये व 12 पशु हानि भी हुयी. आपदा से पैट्रोल पम्प, गैस गोदाम रोडवेज, इन्दिरा फार्मेसी, विशपशॉ स्कूल, 03 भवन, एक वर्कशॉप, एक ट्रांसफार्मर, 10 विद्युत पोल के नुकसान आंका गया. राहत कार्यो में विभागीय अधिकारियों के साथ ही एसएसबी, आईटीबीपी, एसडीआरएफ के कुल 206 अधिकारी, कर्मचारी लगाये गये.

मॉकडिल में अपर जिलाधिकारी बीएल फिरमाल, अपर पुलिस अधीक्षक हरीश चन्द्र सती, अपर पुलिस अधीक्षक संचार गिरिजा शंकर पांडे, महाप्रबंधक कुमाऊ मण्डल विकास निगम त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, जिला विकास अधिकारी रमा गोस्वामी, संयुक्त मजिस्ट्रेट अभिषेक रूहेला, उप जिलाधिकारी प्रमोद कुमार, रेखा कोहली, सीओ विजय थापा, लोकजीत सिंह, रायमन सिंह नबियाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.टीके टम्टा, मुख्य कोषाधिकारी अनिता आर्या, एआरटीओ असित झा, आपदा प्रबंधक अधिकारी शैलेश कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी टीएन उपाध्याय, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण पीएस नेगी, डीएस कुटियाल, विद्युत मोहम्मद उस्मान, एसडीओ दिनकर तिवारी, ऑबर्जवर कमान्डेंट आईटीबीपी महेन्द्र प्रताप, मेजर जेएस सोहल, आदि ने प्रतिभाग किया.