पीएम मोदी ने शराब पीने की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई, बोले ‘तबाह’ हो जाएगा समाज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा पीढ़ी में शराब पीने की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई और कहा कि यदि इस बुराई को नहीं रोका गया तो अगले 25 साल में समाज ‘तबाह’ हो जाएगा.

हरिद्वार में मां उमिया धाम आश्रम के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के दौरान कन्या भ्रूणहत्या को बंद करके राज्य के कुछ​ हिस्सों में कम लिंगानुपात को बेहतर करने या भूकंप प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने के उनके प्रयासों में संस्थान ने बहुत सहयोग किया था. उन्होंने कहा कि संस्थान युवा पीढ़ी को शराब पीने की लत जैसी बुरी आदतों की गिरफ्त में आने से बचाने और उन्हें पर्यावरण संरक्षण तथा सफाई जैसी आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करे.

संस्थान से जुड़े लोगों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने युवा पीढी में शराब पीने की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर इस आदत को बढ़ने की अनुमति दी गई तो आने वाले 20-25 सालों में यह समाज को बर्बाद कर देगी.

मोदी ने कहा, ‘मैं आपके साथ यह चिंता आपके बीच में ही रहकर बड़े हुए एक व्यक्ति के रूप में साझा कर रहा हूं न कि एक प्रधानमंत्री के रूप में. क्या आप यह खबर नहीं सुनते कि युवा पीढ़ी खास तौर पर लड़के शराब पीने तथा उन चीजों की आदत की गिरफ्त में आ रहे हैं, जिनसे हमारे पुरखे नफरत करते थे. अगर हम इस प्रवृत्ति को बढ़ने देंगे तो 20-25 सालों में हमारा समाज बर्बाद हो जाएगा.’

उन्होंने कहा, ‘मैं सामाजिक दायित्वों में आपके योगदान को देखते हुए अपील करूंगा कि आप युवा पीढ़ी को गुमराह होने से रोकें.’ संस्थान के देशभर में फैले करोडों अनुयायियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने उससे सफाई और पर्यावरण के प्रति भी अपना कीमती योगदान देने को कहा.

मोदी ने सुझाव दिया कि आश्रम आने वाले भक्तों से यह पूछा जाए कि उन्होंने घर पर शौचालय बनाया है या नहीं और उन्हें एक पौधा देकर उनसे उसकी देखभाल उतनी ही श्रद्धा और भक्ति के साथ करने को कहा जाए जितनी वे मां उमिया की पूजा करने के दौरान मन में रखते हैं. उन्होंने कहा कि इससे खुले में शौच की प्रथा से मुक्ति मिलेगी तथा पर्यावरण साफ और हराभरा रहेगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उमिया संस्थान द्वारा खोली गई धर्मशाला से पूरे उत्तर भारत खास तौर से हरिद्वार, ​ऋषिकेश, बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों वाले उत्तराखंड में पर्यटन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा.

मोदी ने याद किया कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री बने ही थे उस समय संस्थान ने कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और भूकंप प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाने में किस तरह उनकी सहायता की थी. प्रधानमंत्री ने संस्थान से कहा कि वह श्रद्धालुओं को पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए प्रेरित करने के साथ ही युवा पीढ़ी को शराब के चंगुल से बचाए.

प्रधानमंत्री ने कहा कि सर्किट टूरिज्म भले ही आधुनिक शब्द हो, लेकिन यह अवधारणा सदियों से भारत की परंपराओं का हिस्सा रही है क्योंकि इस देश के लोग बड़े धार्मिक केंद्रों को देखने के लिए लंबी यात्राएं करते रहे हैं.

मोदी ने श्रद्धालुओं के लिए हरिद्वार में विशाल धर्मशाला स्थापित करने के लिए संस्थान को बधाई दी और कहा कि उत्तराखंड के हिमालयी तीर्थस्थलों के दर्शनों के लिए आने वाले लोगों को इस सुविधा से बड़ा लाभ मिलेगा जिससे राज्य में धार्मिक पर्यटन में वृद्धि होगी. उन्होंने यह भी याद किया कि गुजरात में युवा स्वयंसेवी के रूप में वह किस उत्साह के साथ मां उमिया देवी उत्सव में शामिल हुआ करते थे.