आरबीआई ने नहीं किया नीतिगत दरों में कोई बदलाव

बुधवार को आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीति की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है. रेपो रेट 6 फीसदि पर कायम है. वहीं रिवर्स रेपो रेट की बात की जाए तो उसमें भी कोई बदलाव नहीं हुआ है.रिवर्स रेपो रेट 5.75 फीसदी पर कायम है. इसके अलावा जीएसटी के क्रियान्वन पर नाखुशी जताई गई है.

आरबीआई ने 2018 के लिए अनुमानित जीवीए 7.3 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया है. इसके साथ ही कैश रिजर्व रेशियो में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसे 4 फीसदी रखा गया है. इस बैठक में स्टैच्युअरी लिक्विडिटी में 50 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। इसे 20 से 19.5 फीसदी कर दिया गया है.

मौद्रिक समीति ने कहा कि जीएसटी लागू होने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है. इससे लघु अवधि में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए दिक्कते खड़ी हो गई हैं.गौरतलब है कि आरबीआई ने यह भी कहा कि दूसरी छमाही में यह असर कम हो जाएगा और विकास को रफ्तार मिलेगी.

मौद्रिक नीति समीक्षा की बड़ी बातें

  • रिजर्व बैंक ने ग्रोथ रेट का अनुमान घटाकर 6.7% कर दिया, पहले 7.3% ग्रोथ का अनुमान जताया था.
  • आरबीआई का कहना है कि कृषि ऋण माफी से ग्रोथ पर असर पड़ेगा.
  • केंद्रीय बैंक ने कहा कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को जो एचआरए दिया है, वह खर्च होने पर इकॉनमी में तेजी आएगी.
  • रिजर्व बैंक ने अक्टूबर-मार्च छमाही में महंगाई 4.2-4.6 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है.
    इसके मुताबिक, जनवरी से मार्च तिमाही में महंगाई दर 4.6 प्रतिशत रह सकती है.
  • रिजर्व बैंक ने उपभोक्ता महंगाई दर 4 प्रतिशत (+-2%) तक रोकने का लक्ष्य रखा है.