मुजफ्फरनगर कांड की याद में : भैजी कख जाणा छा तुम लोग, उत्तराखंड आंदोलन मा…

उत्तराखंड राज्य आंदोलन 90 के दशक में अपने चरम पर था. ऐसे में खटीमा गोलीकांड, मसूरी गोलीकांड और 2 अक्टूबर 1994 को जंतर-मंतर पर होने वाले धरना प्रदर्शन के लिए जा रहे आंदोलनकारियों के साथ एक रात पहले मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर हुए गोलीकांड व सामूहिक बलात्कार की घटना ने आग में घी का काम किया.

एक तरफ आंदोलनकारी ‘आज दो, अभी दो, उत्तराखंड राज्य दो’ के नारे बुलंद कर रहे थे तो दूसरी तरफ जनकवि गिरीश तिवारी (गिर्दा) भी उनके समर्थन में अपनी ओजस्वी कविताएं लिख रहे थे. और तीसरी तरफ गढ़ सम्राट नरेंद्र सिंह नेगी अपने गानों से आंदोलनकारियों को ताकत दे रहे थे. नरेंद्र सिंह नेगी के इस गाने ने तो बच्चे-बच्चे को उत्तराखंड राज्य के लिए उठ खड़े होने पर मजबूर कर दिया…