ये कैसा रिवाज? 18 महीने के बच्चे को अंगारों पर लिटाया

बेंगलुरु, एक बेहद भयावह घटना में एक दरगाह में डेढ़ साल के एक बच्चे को केले के पत्ते में लपेटकर हल्के गर्म चारकोल के ढेर पर लिटाया गया.इसमें भी सबसे दुख की बात यह है कि इस भयावह घटना को अंजाम भी उस मासूम के मां-बाप ने ही दिया.

ये घटना कर्नाटक के धारवाड़ जिले के अल्लापुर इलाके की है. एक रिवाज के तहत बच्चे के पिता ने उसे केले के पत्ते में लपेटकर जलते कोयले पर लिटा दिया. अंगारों के बीच बच्चा तड़प रहा था. लोग तमाशा देख रहे थे.

पुलिस के मुताबिक, बच्चे के माता-पिता ने दो साल पहले बेटा पैदा होने की मन्नत मांगी थी. मन्नत पूरी होने पर रिवाज के तहत उन लोगों ने ऐसा किया. इसके तहत सुलगते अंगारों का बिस्तर तैयार किया जाता है.

फिर बच्चे को केले के पत्ते में लपेटकर उसे इसपर लिटा दिया जाता है. आग बहुत धीमी होती है. रिवाज के तौर पर बच्चे को सिर्फ कुछ सेकेंड के लिए ही सुलगते अंगारों पर रखा जाता है.

पुलिस का कहना है कि इस मामले में कोई केस दर्ज नहीं की गई है. लेकिन, चाइल्ड वेलफेयर कमिटी ने पुलिस से बच्चे के माता-पिता की काउंसलिंग कराने की मांग की है.

हाल ही में कर्नाटक कैबिनेट ने अंधविश्वास विरोधी बिल 2017 को मंजूरी दी है. इसके तुरंत बाद ये मामला सामने आया है.बता दें कि कर्नाटक सरकार के अंधविश्वास विरोधी बिल में काला जादू और ऐसी मान्यताओं पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के प्रावधान किए गए हैं. रिवाज के दौरान अगर किसी की मौत हो जाती है तो संबंधित व्यक्ति के लिए मौत की सजा का भी प्रावधान है.