जवानों को सीमाओं की रक्षा से नहीं रोक सकती कोई भी ताकत : राजनाथ सिंह

जोशीमठ, केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह शनिवार को सेना के विशेष विमान से गृहमंत्री राजनाथ सिंह मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के साथ भारत चीन सीमा पर अंतिम अग्रिम चौकी रिमखिम और लफथल पहुंचे, जहां पर गृहमंत्री ने जवनों के साथ चाय नाश्ता किया। सरहदों के हालात के बारे में जानकारी प्राप्त की.गृहमंत्री ने कहा कि आईटीबीपी के जवानों द्वारा आज पूरे देश में बहुआयामी भूमिका निभायी जा रही है. कहा कि सीमाओं की सुरक्षा, आन्तरिक सुरक्षा हो या कोई प्राकृतिक आपदा घटित हो, आईटीबीपी के जवानों द्वारा पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हिमवीरों को जो भी जिम्मेदारी दी जाती है वे उनका वखूवी निर्वहन करते है जिसपर देश केा गर्व है.

 

आइटीबीपी के जवानों से बातचीत के दौरान गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमा चौकियों में सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा. गृहमंत्री ने जवानों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि आइटीबीपी जवानों के साथ बातचीत करने के बाद विश्वास कर सकते हैं कि दुनिया की कोई भी शक्ति उन्हें भारत की सीमाओं की रक्षा करने से नहीं रोक सकती है. वहीं गृहमंत्री अब सुनील आइटीबीपी कैंप से आइटीबीपी के औली स्कीइंग पर्वतारोहण संस्थान के कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं.

गृहमंत्री यहीं रात्रि विश्राम भी करेंगे. गृहमंत्री ने आईटीबीपी की सरहदी चौकी रिमखिम एवं लफथल पहुंचकर प्रत्येक जवान एवं तैनात अधिकरी से हाथ मिलकार सरहदों की निगेबानी करने के लिए उनका धन्यवाद किया. साथ ही जवानों से उनकी समस्या सुनी व आश्वस्थ किया कि केन्द्र सरकार जवानों के साथ है.

 

जवानों को बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है. गृह मंत्री ने जवानों के साथ सूक्ष्म जलपान भी किया. गृहमंत्री हवाई मार्ग से साढ़े 12 बजे जोशीमठ पहुंचे. आर्मी हेलीपैड में सेना एवं आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया. हेलीपैड में गृह मंत्री को गार्ड आफ ऑनर दिया गया. इसके बाद उन्होंने हेलीपैड स्वागत कक्ष में जूस पिया. यहां पर पांच मिनट रुकने के बाद उनका काफीला प्रथम वाहिनी आईटीबीपी सुनील पहुंचा. गृहमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने प्रथम वाहिनी आईटीबीपी सुनील में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया.

 

स्वास्थ्य विभाग चमोली के तत्वावधान में आयोजित इस रक्त दान शिविर में बल के 50 जवानों ने रक्तदान किया. गृहमंत्री ने कहा कि आईटीबीपी के जवान जहां एक ओर सरहदों की सुरक्षा कर रहे हैं तो वहीं रक्त दान जैसी पुनीत कार्य कर देश दुनिया को एक सुखद संदेश दे रहे है.

 

गृहमंत्री ने आईटीबीपी की ओर से आयोजित शस्त्र पूजा कार्यक्रम में भी शिरकत की. सुनील पहुंचकर गृहमंत्री ने आईटीबीपी के अधिकारियों एवं जवानों की बैठक ली. विविध सामरिक बिंदुओं पर चर्चा की. गृह मंत्री ने जवानों को दशहरे की बधाई दी. उनके साथ दशहरा मनाया. बैठक के बाद दिन का भोजन सुनील में करने के बाद गृहमंत्री औली के लिए रवाना हुए. औली में भी उन्होंने आईटीबीपी के अधिकारियों एवं जवानों की बैठक ली.

 

रात को वह यहीं रुकेंगे. गृहमंत्री के साथ बदरीनाथ और जोशीमठ भ्रमण में उनकी धर्मपत्नी व परिवारिक सदस्यों के अतिरिक्त उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी भी मौजूद रहीं. पारिवारिक सदस्य अलग हेलीकॉप्टर से जोशीमठ पहुंचे. सभी सरकारी कार्यक्रमों से दूर ही रहे.