कार्ड पेमेंट से बैंकों को 3800 करोड़ के नुकसान की आशंका, डिजिटल इंडिया को झटका

नोटबंदी के बाद पेमेंट सिस्टम में किए गए बदलावों से बैंकों को 3,800 करोड रूपए का घाटा हुआ. देश के सबसे ब़़डे बैंक एसबीआई की एक रिपोर्ट में ऐसा कहा गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद कैशलेस पेमेंट सिस्टम को ब़़ढावा देने के लिए भारी तादाद में पीओएस मशीनें खरीदी गई.

 

जनवरी, 2016 में ऐसी मशीनों की तादाद 13.8 लाख थी, वहीं इस साल जुलाई तक इनकी संख्या 28 लाख हो गई.रिपोर्ट के मुताबिक भले ही डेबिट और क्रेडिट कार्ड के जरिए लेनदेन ब़़ढे हों, लेकिन कम एमडीआर, कार्ड का कम इस्तेमाल, कमजोर टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कारणों से बैंकों को भारी घाटा हुआ है.

 

एसबीआई के अनुमानों के मुताबिक, बैंक लेनदेन से पीओएस टर्मिनल्स पर 4,700 करोड रूपए का घाटा हुआ. इसमें से यदि एक ही बैंक में किए गए पीओएस ट्रांजैक्शंस को घटा दें तो यह घाटा 3,800 करोड रूपए का बैठेगा. यह रिपोर्ट एसबीआई ग्रुप के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांति घोषष ने कहा, ‘हमारा मानना है कि बैंकों द्वारा विकसित किए गए पीओएस इंफ्रास्ट्रक्चर को पूरे मन से सपोर्ट करना होगा.’

 

पीओएस मशीन का इस्तेमाल डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पैसे काटने के लिए किया जाता है. पीओएस बनाम एटीएम रिपोर्ट में कहा गया, ‘सरकार ने पीओएस इंफ्रास्ट्रक्चर को ब़़ढावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं और बैंकों ने भी अधिक से अधिक पीओएस मशीनें लगाई हैं, लेकिन लंबी अवधि की बात करें तो उद्देश्य तभी पूरा होगा जब पीओएस से होने वाले लेनदेन एटीएम को पीछे छोड देंगे, जो फिलहाल मुश्किल नजर आता है.’