रावण ने महिलाओं के बारे में बनाए थे ये 8 अवगुण…

रावण की जब भी बातें होती हैं तो लोगों के सामने एक दुष्ट, घमंडी असुर की तस्वीर सामने आ जाती है, जिसने मां सीता पर बुरी नजर डाली थी लेकिन इसके इतर भी एक बात है और वो एक महान ज्ञानी और शिव भक्त भी है.गोस्वामी तुलसीदास ने अपनी रामचरित मानस में लिखा है कि रावण ने महिलाओं के बारे में 8 अवगुण बताए थे.

गलत जगह बल प्रयोग: रावण ने कहा था कि महिलाएं साहसी तो होती हैं लेकिन अक्सर अपने बल का प्रयोग वो गलत जगह करती हैं.

 

झूठ बोलती हैं: स्त्रियां अक्सर झूठ बोलती हैं क्योंकि वो कोमल हृदय वाली होती हैं जो कि अक्सर अपनों की बातें छुपाने के लिए झूठ बोल देती हैं और बुराई का कारण बनती हैं.

 

चंचल: अस्थिर विचारधारा और चंचल चित्त वाली होती हैं इसलिए उनके मन को समझ पाना बहुत मुश्किल होता है.

 

स्वार्थी: महिलाएं स्वार्थी और जिद्दी होती हैं और अपनी जिद को पूरा करने के लिए वो कहानियां गढ़ने और मोहमायी मायावी खेल भी खेल जाती हैं.

 

संयम कम: महिलाओं के अंदर संयम कम होता है और मुसीबत आते ही हथियार डाल देती हैं.

 

महिलाएं मूर्ख होती हैं: महिलाएं मूर्ख होती हैं इसलिए अक्सर भावावेश में आकर वे गलत फैसले ले लेती हैं जिसका एहसास उन्हें बहुत देर में होता है.

 

दया नहीं दिखाती: वैसे तो महिलाएं कोमल हृदय वाली होती हैं लेकिन अगर कोई एक बार उनकी नजर से उतर जायें तो वो उसे आसानी से माफ नहीं करती हैं और हर किसी पर बहुत कमेंटबाजी करती हैं.

 

 दिल से वो पवित्र नहीं होती: रावण के मुताबिक महिलाएं भले ही कपड़ों से गहनों से खुद को सजायें लेकिन दिल से वो पवित्र नहीं होती हैं, वो साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखतीं इस कारण रावण ने महिलाओं को अपवित्र कहा था.