10 साल से फरार चल रहे माओवादी गिरफ्तार, अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

नैनीताल, स्थानीय अदालत ने संदिग्ध माओवादी देव चाम्याल और उनकी महिला सहयोगी भगवती भोज को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. दोनों पर प्रस्तावित पंचेश्वर बांध का विरोध कर अल्मोडा में अशांति फैलाने के प्रयास का आरोप है.

 

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जन्मेजय खंडूरी ने बताया कि पिछले 10 साल से फरार चल रहे पचास हजार रूपये के ईनामी माओवादी चाम्याल को भगवती के साथ मुखबिर की सूचना पर शनिवार की शाम को हलद्वानी के चोरगलिया क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था.

 

उन्होंने बताया, हमें सूचना मिली थी कि दो माओवादी अल्मोडा से सितारगंज जा रहे हैं.बस में यात्रा करते हुए चोरगलिया में हमने उन्हें पकड़ लिया. उनकी गिरफ्तारी से पंचेश्वर बांध का विरोध कर अल्मोडा में अशांति फैलाने की योजना विफल हो गयी.

 

दोनों माओवादियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम के लिये नकद ईनाम घोषित किया है. खंडूरी ने बताया कि अल्मोडा के रहने वाले चाम्याल को प्रशिक्षण झारखंड में किया था और वर्ष 2013 में उत्त्तराखंड लौटने से पहले वह कई साल तक वहां माओवादी गतिविधियों में संलिप्त रहा.

 

चाम्याल और भगवती दोनों को देश विरोधी गतिविधियों के आरोप लगाये गये थे. पूछताछ के दौरान उन्होंने खुलासा किया कि अल्मोडा और धारी में विधानसभा चुनावों से पहले चुनाव का बहिष्कार करने का संदेश देने वाले पोस्टर उन्होंने ही लगाये थे.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा, अल्मोडा और धारी में ऐसे संदेशों वाले पोस्टर चिपकाकर और माओवादी नारों से दीवारों को पोतकर वे दहशत फैलाने का प्रयास कर रहे थे.