रेप के मामले में ‘पीपली लाइव’ के को-डायरेक्टर को मिली जमानत

अमेरिकी शोध छात्रा से रेप के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म पीपली लाइव के सह निर्देशक महमूद फारूकी को बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने घटना की सच्चाई और शिकायत पर सवाल उठाए हैं. हाईकोर्ट ने रेप की घटना और शिकायत में हुई देरी को देखते हुए महमूद फारूकी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया.

4 अगस्त 2016 को महमूद फारूकी को सात साल जेल की सजा सुनाई थी. इस फैसले को फारूकी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. पुलिस के मुताबिक 30 वर्षीय एक शोध छात्रा 2014 में दिल्ली आई थी.

वह गोरखपुर गईं, जहां वह अपने शोध के लिए संपर्कों की तलाश में थी. इसी दौरान वह फारूकी के संपर्क में आई.फारूकी पर आरोप है कि उसे 28 मार्च, 2015 को सुखदेव विहार स्थित अपने घर पर खाने के लिए बुलाया. रात 9 बजे जब पीड़िता फारूकी के घर पहुंची तो वह काफी नशे में थे और इसी दिन उन्होंने रेप किया. इस मामले में दिल्ली के न्यू फ्रेंडस कॉलोनी थाने में शोध छात्रा की शिकायत पर 19 जून 2015 को FIR दर्ज किया गया. उसके बाद फारूकी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था.