बारिश डाल सकती है राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यात्रा में खलल

रुद्रप्रयाग, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी यात्रा में मौसम खलल पैदा कर सकता है.मौसम विभाग की 36 घंटे की भारी बारिश के बाद शनिवार को दिनभर बरसात जारी रही.भारी बारिश के बावजूद प्रशासन तैयारियों में जुटा रहा.वहीं राष्ट्रपति आगमन को लेकर तीर्थ पुरोहितों में खुशी का माहौल बना है.उनकी माने तो केदारनाथ विकास प्राधिकरण को लेकर महामहिम राष्ट्रपति से बातचीत की जायेगी और केदारनाथ में प्राधिकरण को लागू न किये जाने की मांग की जायेगी.

 

देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा में पहुंच रहे हैं.राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां भी पूरी कर ली हैं, मगर उनकी मेहनत पर पानी फेरने का काम इन्द्रदेव कर सकते हैं.शनिवार को दिनभर भारी बरसात के बाद राष्ट्रपति के दौरे को लेकर संशय बन गया है.मौसम विभाग की ओर से भी 36 घंटे की भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.यदि इसी तरह रविवार को भी बारिश जारी रही तो राष्ट्रपति का केदारनाथ दौरा टल सकता है और अधिकारियों की मेहनत पर पानी फिर सकता है.

 

इसके अलावा नेशनल और रीजनल मीडिया भी केदारनाथ पहुंच गया है और राष्ट्रपति की इंतजारी कर रहा है.भारी बरसात के कारण केदारपुरी में मौसम भी ठंडा हो गया है.बदलते मौसम के कारण केदारपुरी का नजारा भी बदल गया है.वहीं निचले क्षेत्रों में भी ठंड ने दस्तक दे दी है.कुछ दिनों से गर्मी से परेशान लोगों को बारिश ने निजात देते हुए ठंड का अहसास करा दिया है.

 

राष्ट्रपति के केदारनाथ आगमन को लेकर तीर्थ पुरोहितों में खुशी का माहौल भी बना है तो प्रशासन की ओर से दुकानों को हटाये जाने पर मायूसी भी छाई है.वरिष्ठ तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती, केदारसभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती, रूपक शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला, राहुल सेमवाल, प्रवीण तिवारी ने कहा कि चौथे राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद केदारनाथ यात्रा पर आ रहे हैं, लेकिन उनके आगमन से स्थानीय व्यापारियों का नुकसान हुआ है.

 

दो वक्त की रोटी के लिए व्यापारियों द्वारा लगाई गई दुकानों को प्रशासन ने राष्ट्रपति आगमन के कारण हटा दी.राष्ट्रपति आगमन के दो दिन पूर्व ही व्यापारियों की दुकानों को हटाया जाना कहां तक जायज है.उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का केदारनाथ बाजार का कोई कार्यक्रम नहीं थी, फिर भी व्यापारियों की रोजी-रोटी को हटाया गया, यह न्यायोचित नहीं है.तीर्थ पुरोहितों ने कहा कि केदारनाथ में भारी बारिश के कारण यात्री पहले ही परेशान हैं.

 

ऊपर से उन्हें पूजा की सामाग्री भी नहीं मिल पा रही है और खाने-पीने की सामग्री के लिए यात्री भटक रहे हैं.प्रशासन को यात्रियों और व्यापारियों से कोई लेना-देना नहीं है.सरकारी अधिकारी ड्यूटी करने के बाद चले जायेंगे, लेकिन व्यापारियों का भारी नुकसान हो जायेगा.उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से केदारनाथ विकास प्राधिकरण को हटाये जाने की भी मांग रखी जायेगी.साफ तौर पर कहा जायेगा कि यदि केदारनाथ में प्राधिकरण को नहीं हटाया गया तो तीर्थ पुरोहित आंदोलन का बिगुल फूंक देंगे.