कोलकाता हाईकोर्ट के फटकार के बाद ममता जा सकती है सुप्रीमकोर्ट

कोलकाता, पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक बार फिर जोर का झटका दिया है. अपने अंतरिम निर्देश में हाई कोर्ट ने साफ कर दिया है कि मोहर्रम के दिन यानी एक अक्टूबर को भी दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन होगा. ममता बनर्जी सरकार ने हाई कोर्ट के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया. राज्य सरकार शुक्रवार को हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकती है.

जानिए क्या कहा हाईकोर्ट ने

कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश ने राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता से कहा कि न तो यहां लोगों की भीड़ है और न ही हिंसा हुई, लेकिन सरकार ने पहले ही फायरिंग शुरू करा दी. विसर्जन मामले में सरकारी निर्देश का कोई आधार नहीं है. राज्य के महाधिवक्ता किशोर दत्ता ने कहा कि कोई अप्रिय घटना न हो, इस कारण विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया था.

महाधिवक्ता ने अंतरिम निर्देश पर स्थगन की मांग की, लेकिन खंडपीठ ने खारिज कर दी. राज्य सरकार द्वारा हाई कोर्ट के निर्देश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का विकल्प खुला है. इसके लिए शुक्रवार तक का समय दिया गया है. साथ ही राज्य सरकार को तीन सप्ताह के अंदर हलफनामा देने का निर्देश दिया है. याची पक्ष को भी दो सप्ताह में हलफनामा देने को कहा है. पांच सप्ताह बाद फिर मामले की सुनवाई होगी. कोर्ट ने कहा कि अप्रिय घटना होने का स्वप्न आने मात्र से विसर्जन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा सकता. किसी नागरिक के धार्मिक अधिकारों का हनन सिर्फ इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि इससे कानून व्यवस्था के लिए संकट पैदा हो जाएगा. हिंदुओं व मुसलमानों को मिल-जुलकर रहने दीजिए. उनके बीच बंटवारे की कोई लकीर मत खींचिए. लोगों को अपने धार्मिक रीति-रिवाजों पर अमल करने का पूरा हक है,चाहे वे किसी भी समुदाय के हों.

यह है मामला

पश्चिम बंगाल सरकार ने नोटिस जारी कर मोहर्रम की वजह से विजयादशमी को शाम छह बजे तक ही दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन का आदेश दिया था. एक अक्टूबर (एकादशी) को विसर्जन पर प्रतिबंध लगा दिया था. इसके बाद दो से चार अक्टूबर तक विसर्जन की अनुमति दी गई थी. सरकार के इस निर्देश के खिलाफ हाई कोर्ट में तीन जनहित याचिकाएं दाखिल की गई थीं.