जाने कैसे पड़ा ‘चाइनामैन’ बॉलिंग का नाम

गुरुवार को कोलकाता वनडे में शानदार हैट्रिक लेकर कुलदीप यादव ने खूब वाह-वाही लूटी. भारत के इस ‘चाइनामैन’ गेंदबाज की तारीफ बड़े-बड़े दिग्गज भी कर रहे हैं. वनडे में हैट्रिक लेने वाले कुलदीप ने टेस्ट क्रिकेट में भी इसी टीम के खिलाफ डेब्यू किया था. कुलदीप को ‘चाइनामैन’ बॉलर बुलाया जाता है. क्या आपको पता है ये ‘चाइनामैन’ बॉलिंग होती क्या है.

कहां से आया चाइनामैन बॉलिंग शब्द
जब कोई बाएं हाथ का स्पिनर अपनी कलाई से गेंद घुमाता है तो उसे ‘चाइनामैन’ बॉलिंग कहते हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट में ‘चाइनमैन’ शब्द सबसे पहले वेस्टइंडीज के गेंदबाज एलिस अचोंग के लिए प्रयोग किया गया था. दरअसल अचोंग खेलते तो वेस्टइंडीज की तरफ से थे लेकिन वह चीनी मूल के थे.

 

साल 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ मेनचेस्टर टेस्ट के दौरान अचोंग ने वॉल्टर रॉबिन्स को एक चमत्कारी गेंद पर आउट किया, जिसने बल्लेबाज के साथ-साथ हर किसी को हैरान कर दिया. पवेलियन जाते समय वॉल्टर ने अंपायर को कहा, ‘चाइनामैन की यह गेंद वाकई शानदार थी.’ इसके बाद से ही क्रिकेट में ‘चाइनामैन’ शब्द पॉपुलर हो गया.

 

इस घटना के बाद से जो भी बाएं हाथ का स्पिनर गेंदबाज अपनी कलाई से गेंद घुमाता है उसे ‘चाइनामैन’ बॉलिंग के नाम से पुकारा जाने लगा है. कुलदीप यादव को इस वजह से ही ‘चाइनामैन’ बुलाया जाता है. वैसे वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स ऑस्ट्रेलिया के ब्रैड हॉग और दक्षिण अफ्रीका के पॉल एडम्स इंटरनेशनल क्रिकेट के लोकप्रिय चाइनामैन स्टाइल गेंदबाज हुए हैं.