रोहिंग्या शरणार्थी नहीं घुसपैठिये, भारत की सुरक्षा के लिए खतरा : गृहमंत्री राजनाथ सिंह

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा है कि मानवधिकार का हवाला देकर अवैध शरणार्थियों को रिफ्यूजी बताने की गलती नहीं की जानी चाहिए. रिफ्यूजी स्टेटस प्राप्त करने के लिए एक प्रॉसेस होता है और इनमें से किसी ने इस तरीके का पालन नहीं किया है.

 

गृह मंत्री ने कहा कि म्यांमार से भारत घुस आये रोहिंग्या रिफ्यूजी की श्रेणी में नहीं आते हैं. रोहिंग्या भारत में अवैध तरीके से घुसे हैं. इस मामले में भारत किसी भी अंतरराष्‍ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं करेगा. सिंह ने मामले में सुरक्षा से जुड़ी चिंता जाहिर की है. उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा सबसे अहम है और रोहिंग्या मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है. भारत में रह रहे अवैध रोहिंग्या मुसलमानों को भारत छोड़ना ही पड़ेगा. उन्होंने कहा कि रोहिंग्याओं के मुद्दे पर म्यांमार से बात हुई है. म्यांमार इन्हें वापस लेने को तैयार है. रोहिंग्या भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हैं.

 

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही म्यांमार की स्टेट काउंसलर आंग सान सू ची ने कहा था, रोहिंग्या समूहों ने म्यांमार पर हमले कराये. म्यांमार ने उन्हें संरक्षण दिया, लेकिन इसका नतीजा क्या निकला? जो लोग म्यांमार वापस आना चाहते हैं, उनके लिए रिफ्यूजी वेरिफिकेशन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. गौर हो कि भारत में करीब 40 हजार रोहिंग्या मुस्लिम रहते हैं. मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) भारत में रह रहे रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भारत सरकार के रुख का विरोध करेगा. यही नहीं वह रोहिंग्या मुस्लिमों को यहां रहने देने के पक्ष मे अपनी बात कहेगा. केंद्र सरकार म्यामांर से भारत पहुंचे रोहिंग्या शरणार्थियों को वापस भेजने के लिए सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करने जा रही है.